इरफान पठान ने जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को बढ़ाने के लिए काफी मेहनत की है। उन्हें इस दौरान कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, वह इन मुश्किलों से कभी डरे नहीं और उनका डटकर सामना किया। आइए एक ऐसी ही प्रेरित करने वाली कहानी के बारे में जानते हैं...
अमर उजाला संवाद 2023 के जम्मू-कश्मीर संस्करण में भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इरफान पठान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक ऐसी घटना बताई जिसके बारे में शायद ही किसी को पता हो। पठान का क्रिकेट को लेकर जुनून ऐसा है यह शायद ही किसी को पता है। उन्हें जम्मू कश्मीर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के दौरान कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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हालांकि, वह उन मुश्किलों से न तो डरे और न ही रुके। वह आगे बढ़ते रहे और इसी का नतीजा है कि आज उस जगह से क्रिकेट के कई सितारे उभर कर सामने आ रहे हैं। पठान जम्मू-कश्मीर टीम के कोच भी रह चुके हैं। उमरान मलिक, अब्दुल समद आज जिस मुकाम पर हैं, इरफान का उसमें अहम किरदार रहा है।
एक ऐसी घटना जिसके बारे में इरफान ने पहले कभी जिक्र नहीं किया
बाएं से- राहुल द्रविड़, इरफान पठान, एमएस धोनी और हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
अमर उजाला संवाद 2023 में जब पठान से यह पूछा गया कि कोई ऐसी घटना या बात बताएं जो आपने अब तक किसी भी मंच से साझा नहीं की है? इस पर इरफान पठान ने एक डरा देने वाली घटना बताई। उन्होंने बताया- जब जम्मू कश्मीर क्रिकेट के लिए मेंटर बना तो वहां अलग-अलग इलाकों में जाकर लड़कों को ढूंढना था।
पठान ने बताया- मुझे कुपवाड़ा जाना था। कुपवाड़ा जाने का एक हफ्ते पहले ही फैसला ले लिया गया था। जब जाने का वक्त आया उससे एक दिन पहले कुछ मुठभेड़ हुई थी तो हमारे जवानों ने किसी आतंकियों को मार गिराया था। मैं जहां रुका हुआ था, वहां से महज 50 मीटर दूर यह हुआ था। जवानों ने मुझे ऐसा बताया। कोई और होता तो शायद वहां न जाता, लेकिन मैं वहां गया और उसके अगले दिन ही।
पठान ने कहा- वहां पर मैं नजारे देख रहा था, मैं वहां खामोशी महसूस कर रहा था। मैं वहां गया, रात को रुका। अगले दिन जिस लड़के को मैं स्पेशली देखने गया था, वहां फिर मैंने लड़के की गेंदबाजी देखी कुपवाड़ा के मैदान में। मैंने उससे आगे के लिए सिलेक्ट भी किया। आप किसी दिन उसे नेशनल और एक-दो साल में आईपीएल जरूर खेलता हुआ देखेंगे।
2003 में भारत के लिए अपने करियर की शुरुआत करने वाले इरफान पठान देश के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक रहे हैं। करियर की शुरुआत में उनकी तुलना महान कपिल देव से की जाती थी। महज 19 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट खेलने वाले इरफान का गेंदबाजी एक्शन पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम की तरह था और वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने में माहिर थे। इरफान खान बल्ले के साथ भी कमाल करने में माहिर थे। इसी वजह से कुछ मौकों पर उन्होंने पारी की शुरुआत भी की। हालांकि, 2006 से उनका फॉर्म खराब हुआ और वह भारतीय टीम से बाहर हो गए। 2007 में वह टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम के अहम सदस्य थे, लेकिन इसके बाद उनके लिए टीम में जगह बनाना मुश्किल हो गया। उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच 2012 में खेला। अब वह देश के सबसे बेहतरीन हिंदी कमेंटेटर में से एक हैं।
इरफान पठान ने 29 टेस्ट में 100 विकेट लिए हैं। वहीं, 120 वनडे में उनके नाम 173 विकेट हैं। 24 टी20 में इरफान ने 28 विकेट झटके हैं। उन्होंने टेस्ट में एक शतक और छह अर्धशतक की बदौलत 1105 रन बनाए। वनडे में उनके बल्ले से 1544 रन और टी20 में 172 रन निकले। उनके करियर का सबसे बड़ा स्कोर 102 रन रहा, जो उन्होंने टेस्ट मैच में बनाया था।