कहते हैं कि क्रिकेट में फॉर्म का आना-जाना लगा ही रहता है। कई बल्लेबाजों का बल्ला अचानक थम जाता है और फिर उसका संघर्ष शुरू हो जाता है। यही हाल गेंदबाजों का भी रहता है।
हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल-8 में कई बड़े बल्लेबाज रन बनाने के लिए तरसते रहे और टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन भी नहीं कर सके। दिल्ली डेयरडेविल्स ने बड़ी हसरत के साथ 16 करोड़ रुपये खर्च कर युवराज सिंह को टीम में शामिल किया। साथ ही दिल्ली ने अपनी पूरी टीम ही बदल दी लेकिन टीम को इससे भला नहीं हुआ। एक-दो मौके को छोड़ दिया जाए तो युवराज का बल्ला भी नहीं चला।
यही हाल कुछ अन्य टीमों का भी हुआ। किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम अपने कई धुरंधर बल्लेबाजों के आउट ऑफ फॉर्म से पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष करती रही लेकिन कुछेक बल्लेबाजों को छोड़ दें तो बाकियों ने अपने प्रशंसकों को निराश किया।
अंतिम मैच में हारकर प्लेऑफ में जाने का मौका गंवाने वाली हैदराबाद की टीम से अगर कप्तान डेविड वार्नर और ओपनर शिखर धवन को छोड़ दिया जाए तो अन्य बल्लेबाज चले ही नहीं। इन्हीं में से एक युवा बल्लेबाज रहे हनुमा विहारी। पिछले सत्र में उन्होंने कई मैच जीताऊ पारियां खेली थी लेकिन इस बार न जाने क्या हुआ कि अपना पिछला प्रदर्शन नहीं दोहरा सके।
हालांकि आईपीएल में मिली निराशा को पीछे छोड़ते हुए हैदराबाद का यह बल्लेबाज इंग्लैंड चला गया जहां उसने टी-20 अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक ही ठोंक दिया और टीम की जीत का हीरो बन गया। शानदार बात यह रही कि टीम की इस जीत में उनका गजब का आलराउंड प्रदर्शन रहा।