टी20 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। एडिलेड के मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल हो रही थी, लेकिन इंग्लैंड के जोस बटलर और एलेक्स हेल्स ने तूफानी बल्लेबाजी कर 16 ओवर में 170 रन बना दिए और इंग्लैंड 10 विकेट से यह मैच जीत गया।
इस मैच में भारत की हार के पीछे बिग बैश लीग के अनुभव का अंतर बड़ी वजह थी। इंग्लैंड के खिलाफ बिग बैश लीग में खेलते रहते हैं और उन्हें ऑस्ट्रेलिया में टी20 क्रिकेट खेलने का काफी अनुभव है। वहीं, भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं है। इसी अनुभव की कमी के चलते भारत सेमीफाइनल मुकाबला एकतरफा अंदाज में हार गया।
जब भारतीय कोच राहुल द्रविड़ से इस बारे में सवाल किया गया कि भारतीय खिलाड़ियों के विदेशी लीग में न खेलने से टीम इंडिया को नुकसान हुआ है तो उन्होंने कहा "निश्चित रूप से इंग्लैंड बहुत सारे खिलाड़ी यहां आए हैं और इस टूर्नामेंट में खेले हैं, लेकिन यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। मुझे लगता है कि हमारे बहुत से खिलाड़ी शायद इन लीगों में खेलने का मौका चूक जाते हैं, लेकिन अगर आप सभी भारतीय खिलाड़ियों को इन लीगों में खेलने की अनुमति देते हैं, तो हमारे पास घरेलू क्रिकेट नहीं होगा। क्योंकि इन लीग में भारतीय खिलाड़ियों की मांग बहुत ज्यादा होगी। घरेलू क्रिकेट, हमारी रणजी ट्रॉफी, खत्म हो जाएगी, और इसका मतलब होगा कि टेस्ट क्रिकेट खत्म हो जाएगा।"
भारत को हराने वाली इंग्लैंड टीम के 11 में से 10 खिलाड़ियों ने बीबीएल में कम से कम एक सीजन खेला है। इसी का फायदा इंग्लैंड की टीम को सेमीफाइनल में मिला। हेल्स पिछले एक दशक से इस टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। फाइनल मैच से पहले एलेक्स हेल्स ने कहा "यह शर्म की बात है कि भारतीय खिलाड़ियों को अलग-अलग लीग में खेलने का मौका नहीं मिलता। यह सभी के लिए अच्छा होगा, उन्हें फायदा होगा और लीग को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खेलने का फायदा होगा।"
हेल्स ने आगे कहा "[एडिलेड] एक ऐसा मैदान है जहां मैंने पहले बहुत क्रिकेट खेला है और सफलता भी हासिल की है। किसी बड़े मैच में इस तरह की सोच रखने से आपके ऊपर दबाव कम होता है। आपको विश्वास होता है कि आप उस तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं। जब भी आपको विदेशी परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है तो आप एक बेहतर क्रिकेटर बनते हैं और आप उन परिस्थितियों को समझते हैं। उम्मीद है कि आगे जाकर उन्हें अलग-अलग लीग में खेलने का मौका मिलेगा। इसने निश्चित रूप से मेरी मदद की है।”