भारतीय टीम को अगले महीने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाना है। इससे पहले ही इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अहम फैसला लिया है। इंग्लैंड बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण सीरीज से पहले ही अपने डेटा विश्लेषकों फ्रेडी वाइल्ड और नाथन लेमन को बर्खास्त कर दिया है। ईसीबी ने यह फैसला इसलिए लिया है कि क्योंकि टीम के मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम अंतर्मन पर अधिक भरोसा करना चाहते थे।
डेटा पर अधिक नहीं देगा इंग्लैंड
इंग्लैंड और भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के नए चक्र की शुरुआत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के दो सीनियर क्रिकेट विश्लेषक नाथन लेमन और फ्रेडी वाइल्ड टीम का साथ छोड़ने जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि राष्ट्रीय टीम आगे चलकर डेटा पर अधिक ध्यान नहीं देगी। लीमन और वाइल्ड क्रमशः इंग्लैंड के सीनियर डेटा विश्लेषक और सीमित ओवरों के विश्लेषक हैं। दोनों राष्ट्रीय टीम के साथ अपनी भागीदारी समाप्त कर रहे हैं। दोनों ही इस महीने के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड की सीमित ओवरों की सीरीज में शामिल नहीं होंगे। इस सीरीज से हैरी ब्रुक कप्तान के तौर पर अपने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करेंगे।
सिर्फ डेटा पर भरोसा नहीं रखते कोच मैकुलम
मैकुलम केवल डेटा पर आधारित दृष्टिकोण में विश्वास नहीं रखते हैं। न्यूजीलैंड के इस पूर्व कप्तान का मानना है कि यह खेल के लंबे प्रारूप की की तुलना में टी20 प्रारूप के लिए अधिक उपयुक्त है। मैकुलम को यह भी लगता है कि सहायक कर्मचारियों की कम संख्या माहौल को सरल बनाये रखने में मददगार होती है। उन्होंने कहा, इस दृष्टिकोण के तहत इंग्लैंड के खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और प्रदर्शन के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगे। इसके साथ ही मैच वाले दिनों में ड्रेसिंग रूम को अव्यवस्थित होने से बचाने के लिए सहायक कर्मचारियों की संख्या में कमी की गई है।
वास्तव में इंग्लैंड का दृष्टिकोण भारत के विपरीत रहा है, जहां राहुल द्रविड़ के युग में डेटा पर अधिक जोर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी अपने स्तर पर विश्लेषकों की सलाह ले सकते हैं लेकिन उन्हें अंतर्मन पर अधिक भरोसा करने की सलाह दी जाएगी।