पूर्व भारतीय पेसर अजीत अगरकर ने भी बुधवार को क्रिकेट के सभी प्रारूप से अपने संन्यास की घोषणा कर दी।
उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 16 साल दिए। उन्होंने अपने करियर में 26 टेस्ट और 191 वनडे खेले। सचिन तेंदुलकर के बाद मुंबई के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए अगरकर का संन्यास लेना एक झटके जैसा है।
पिछले सत्र में उनकी अगुआई में मुंबई ने अपना रिकॉर्ड 40वां रणजी खिताब भी जीता।
एमसीए के अध्यक्ष रवि सावंत ने कहा, "अगरकर ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी। हालांकि मैं उन्हें जारी रखना चाहता था। लेकिन वह मुंबई टीम में युवाओं को मौका देना चाहते हैं। अगरकर मुंबई के उन खिलाड़ियों में से हैं, जिन्होंने भारत के लिए निरंतर योगदान दिया।"
35 साल के अगरकर के नाम 26 टेस्ट मैच में 58 और 191 वनडे में 288 विकेट दर्ज हैं। उनके खाते में एकमात्र अंतरराष्ट्रीय शतक है। 2002 में उन्होंने लंदन में 109 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
वह 1999 (इंग्लैंड) और 2007 (वेस्ट इंडीज) में हुए विश्व कप में टीम इंडिया में शामिल थे। आईपीएल में वह दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेले।
अगरकर ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बल्लेबाज की थी और तेज गेंदबाज बनने से पहले उन्होंने जूनियर क्रिकेट में तिहरा शतक जमाया था।