‘करो या मरो’ के इस मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम ने जिम्बाब्वे को खेल के हर क्षेत्र में मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित बीस ओवरों में 6 विकेट पर 186 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर 19.4 ओवरों में विपक्षी टीम को 127 रनों पर समेट दिया। अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे की अपेक्षाकृत अनुभवी टीम को 59 रनों से हरा दिया।
अफगानिस्तान की टीम के गेंदबाजी कोच भारत के पूर्व गेंदबाज मनोज प्रभाकर हैं जबकि बल्लेबाजी के टिप्स उन्हें पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक देते हैं। इन दो पूर्व धुंरधरों के मार्गनिर्देशन का कमाल है कि अफगानिस्तान की टीम ने शनिवार को आईसीसी वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट के मुख्य दौर में प्रवेश कर लिया।
अफगानिस्तान की टीम ने अंतिम दस ओवरों में शानदार बल्लेबाजी की। पहले दस ओवरों में उन्होंने चार विकेट खोकर 73 रन बनाए थे। मैन ऑफ द मैच मोहम्मद नबी (52 रन 32 गेंद) और समीउल्लाह शेनवारी (43 रन 37 गेंद) ने पांचवें विकेट के लिए 98 रन जोड़े।
मोहम्मद नबी ने अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए जबकि शेनवारी ने एक चौका और एक छक्का जड़ा। पॉवरप्ले में सलामी बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और 23 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेली जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था।
अब तक अच्छा प्रदर्शन करते आए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने भी खूब रन लुटाए। वेलिंगटन मसकाद्जा ने 31 रन, टेंडई चतारा ने तीन ओवरों में 34, डोनाल्डो तिरिपानो (1/41) किसी भी प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा। सर्वाधिक सफल तिनाशे पनयानगारा रहे जिन्होंने 32 रन देकर तीन विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की टीम कभी जीत की होड़ में दिखी नहीं। टीम ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। कोई भी बल्लेबाज 20 से ज्यादा रन नहीं बना सका। अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान (3/11) सर्वाधिक सफल रहे। इसके अलावा हामिद हसन ने 11 रन देकर दो विकेट लिए। समीउल्लाह शेनवारी और मोहम्मद नबी ने एक-एक विकेट लिया।