वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल मुकाबले उम्मीद से कहीं ज्यादा रोमांचक साबित हुआ। मैच खत्म होने तक किसी को यह नहीं लग रहा था कि बाजी किस टीम के हाथ लगेगी। दोनों ही टीमों ने अंत तक अपना पूरा जोर लगा दिया।
अपने सातवें सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड पहली बार फाइनल में पहुंचने में सफल रहा है जबकि अफ्रीकी टीम अपने चौथे प्रयास में भी नाकाम हो गई।
अंतिम ओवर में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 6 गेंदों में 12 रन बनाने थे और क्रीज पर ग्रैंड एलियट और डेनिएल विटोरी खेल रहे थे। डैल स्टेन की पहली गेंद पर बाई से रन लिया और दूसरी गेंद पर फिर एक रन लिया, इसके बाद तीसरी गेंद पर विटोरी ने चौका जड़ दिया। फिर चौथी गेंद बल्ले पर नहीं आई लेकिन दोनों ने बाई के रूप में एक रन ले लिया। एलियट ने अंतिम गेंद का इंतजार किए बगैर पांचवीं गेंद को छह रन के लिए उठा दिया और इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम में निराशा का माहौल बन गया क्योंकि वे एक बार फिर से चोकर्स बन गए।
एक गेंद शेष रहते इस मैच का निर्णय निकला। बेहद रोमांचक मुकाबले में कई बार उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। आइए, जानते हैं कि इस मैच के 5 बेहद रोमांचक पल कौन से थे।
पहला, बारिश से बाधित मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की पारी के 38वें ओवर के बाद बारिश शुरू हो गई और मैच करीब एक घंटे तक रुका रहा और जब शुरू हुआ तो उसे सिर्फ 5 ओवर ही खेलने को मिले, जिसमें बल्लेबाजी करने आए डेविड मिलर ने आतिशी बल्लेबाजी का नजारा पेश किया और महज 18 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्के की मदद से 49 रनों की पारी खेल डाली। डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर अफ्रीकी टीम अगर 280 का स्कोर करती तो न्यूजीलैंड को 297 रनों का लक्ष्य मिलता। अफ्रीका ने 281 रन बनाए और न्यूजीलैंड को 298 रनों का लक्ष्य मिला।
दूसरा, दक्षिण अफ्रीका से 298 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने बेहद आतिशी शुरुआत दिलाई टीम को। उन्होंने 26 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली और इस दौरान उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के भी लगाए। यह उन्हीं की पारी का कमाल था कि टीम अंत तक लक्ष्य के करीब बनी रही। न्यूजीलैंड ने 6 ओवर में ही 70 रन ठोंक लिए थे।
तीसरा, दक्षिण अफ्रीका ने ब्रैंडन मैकुलम का विकेट चटकाने के बाद कीवी टीम के मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर अंकुश बना दिया था, लेकिन कोरी एंडरसन और ग्रैंड एलियट ने पांचवें विकेट के लिए 103 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम की आस को बनाए रखा। एंडरसन 58 रन बनाकर आउट हुए तो दक्षिण अफ्रीका पर मौका था कि वह अन्य बल्लेबाजों पर दबाव बनाए लेकिन एलियट का विकेट वह नहीं झटक सके।
चौथा, मैच का सबसे रोमांचक पल उस समय आया जब दक्षिण अफ्रीका ने 38वें ओवर की अंतिम गेंद पर मोर्न मोर्कल ने कोरी एंडरसन (58) को कैच आउट करा दिया। कैच होने के बाद अंपायरों ने यह चेक करने के लिए बल्लेबाज को रोक लिया कि गेंद स्पाइडर कैमरे से लगी है या नहीं, बाद में अंपायरों ने बल्लेबाज को आउट करार दे दिया। इस झटके से कीवी टीम दबाव में आ गई थी लेकिन ग्रैंड एलियट ने एक छोर संभाल कर टीम की उम्मीदों को बनाए रखा।
पांचवां, दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी मैच के दौरान काफी तनाव में दिखे और कई मौकों पर उन्होंने कैच करने के मौके गंवाए। साथ ही जहां एक रन था वहां दो-दो रन दे दिए। 37वें ओवर की अंतिम गेंद पर कोरी एंडरसन का विकेट मिलते-मिलते रह गया। 42वें ओवर में एक कैच के प्रयास में 3 खिलाड़ी पहुंच गए और कोई भी कैच नहीं कर सका। रन आउट करने के कुछ मौके अंतिम ओवर तक दक्षिण अफ्रीका को मिले लेकिन उसका फायदा नहीं उठा सके।