कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने तीसरी बार तिहरा शतक जड़ने का कारनामा कर डाला। वहीं गेंदबाजों के दम पर भारतीय टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
हुबली में खेले जा रहे तीसरे गैरआधिकारिक टेस्ट मैच के मैच के तीसरे दिन लंच के बाद लौटने पर पुजारा ने दोहरा शतक लगाया। इसके बाद चायकाल पर जाने से पहले ही उन्होंने तिहरा शतक भी लगा दिया। उन्होंने रिकॉर्ड तीसरी बार तिहरा शतक लगाया है। उन्होंने अपनी नाबाद 306 रनों की पारी में 33 चौके भी लगाए।
वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीन बार तिहरा शतक लगाने वाले देश के दूसरे और दुनिया के नौंवे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह भारतीय रिकॉर्ड रवींद्र जडेजा के नाम था। जडेजा ने तीनों तिहरे शतक रणजी टीम सौराष्ट्र के लिए लगाए हैं।
चायकाल से लौटने के तुरंत बाद भारत ए ने अपनी पारी नौ विकेट पर 564 रनों पर घोषित कर दी। चेतेश्वर पुजारा 306 रन बनाकर नाबाद रहे। पुजारा ने उदय कौल (26) के साथ छठे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी भी की।
दूसरी पारी में विंडीज टीम की शुरुआत खराब रही और उसने अपने दो विकेट पर 18 रनों पर खो दिया था। जहीर खान ने भारत को पहली सफलता दिलाई। स्टंप्स के समय विंडीज का स्कोर तीन विकेट पर 116 रन था।
पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम अभी भी भारत ए से 180 रन पीछे है। भारतीय टीम को 296 रनों की बढ़त हासिल हुई थी।
गंभीर ने भी ठोका शतक
इससे पहले खेल के दूसरे दिन सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का भी शांत बल्ला चल गया। गंभीर ने 123 रनों की अपनी शतकीय पारी खेली जिसमें उन्होंने 11 चौके भी लगाए।
गौतम गंभीर दूसरे विकेट के लिए कप्तान चेतेश्वर पुजारा के साथ दो सौ रनों की शतकीय साझेदारी (207 रन) भी की।
फ्लॉप रहे वीरू
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के समय भारत ए ने तीन विकेट के नुकसान पर 334 रन बना लिए थे।
गंभीर के बाद कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने भी शतक ठोका। लेकिन वीरेंद्र सहवाग बल्ले से नाकाम रहे और 38 रन ही बना पाए। भारतीय गेंदबाजों ने वेस्ट इंडीज ए की पहली पारी 268 रनों पर समेट दिया था।
तीन मैचों की चार दिवसीय गैर आधिकारिक टेस्ट सीरीज में वेस्ट इंडीज ए 1-0 से आगे है।