कोच डंकन फ्लेचर का टीम इंडिया के साथ करार वर्ल्ड कप तक ही था और ऐसी कयासें लगाई जा रही थी कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस बार किसी भारतीय क्रिकेटर को टीम इंडिया का नया कोच चुनेगी। इस लिहाज से इस रेस में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के अलावा सौरव गांगुली समेत कुछ अन्य भारतीयों के नाम चर्चा में थे।
हालांकि इनमें से किसी ने भी खुलकर अपनी दावेदारी नहीं जताई थी, लेकिन कई मौकों पर सौरव गांगुली यानी दादा टीम के साथ बतौर कोच जुड़ने की ख्वाहिश जता चुके हैं। वहीं आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के साथ बतौर मेंटर की भूमिका में जबर्दस्त कामयाबी हासिल करने के बाद द्रविड़ की भी संभावनाएं बन रही थीं।
लेकिन क्रिकेट प्रशंसकों को यह जानकर झटका लग सकता है कि टीम इंडिया के दादा गांगुली और दीवार कहे जाने वाले द्रविड़ इस संभावित रेस से काफी दूर हो गए हैं। कहां तो ये पूर्व कप्तान टीम इंडिया के अगले कोच बनने की रेस में शामिल माने जा रहे थे, और कहां अब ये अगले कोच का चयन करने वाली समिति का हिस्सा होंगे और अपना फैसला सुनाएंगे।
नए कोच की तलाश में एक साथ होंगे 3 पूर्व कप्तान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व दिग्गजों सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया के नए कोच के चयन का दायित्व सौंपा है। ये तीनों भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफलतम क्रिकेटर रहे हैं और लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए खेला है। हालांकि यह अभी पता नहीं चल सका है कि अगला कोच देशी होगा या विदेशी।
क्रिकेट की तीनों महान हस्तियां उस समिति का हिस्सा हैं जिन्हें नए कोच के अलावा सपोर्ट स्टाफ भी चुनना है। 3 पूर्व कप्तान बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया और महासचिव अनुराग ठाकुर को अपनी सलाह देंगे। यह फैसला कोलकाता में बीसीसीआई की कार्यकारी समिति की बैठक में किया गया।
जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर डंकन फ्लेचर का भारतीय कोच के रूप में कार्यकाल वर्ल्ड कप के बाद ही समाप्त हो गया था। फ्लेचर टीम इंडिया के तीसरे विदेशी कोच थे। इनसे पहले जॉन राइट और गैरी कर्स्टन टीम इंडिया के कोच की भूमिका निभा चुके हैं। कर्स्टन तो काफी सफल कोच रहे हैं और उनकी कोचिंग में टीम इंडिया 2011 में 28 साल बाद वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाने में कामयाब रही थी।
मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा पर लिया फैसला
पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री टीम इंडिया के साथ क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका में हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि सहायक प्रशिक्षकों संजय बांगड़, भरत अरुण और आर श्रीधर को पद पर कायम रखा जाएगा।
कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने यह स्पष्ट भी किया है कि चूंकि सौरव गांगुली समिति के हिस्से हैं लिहाजा वह कोच पद की दावेदारी में शामिल नहीं हो सकते। हालांकि इससे पहले कोच पद के लिए सौरव गांगुली के शीर्ष दावेदार होने की अटकलें जोरों पर थीं।
बैठक में अध्यक्ष डालमिया को प्रमुख क्रिकेटरों की एक सलाहकार समिति चुनने का भी अधिकार दिया गया जो खेल के संचालन और विकास के लिए अपनी सलाह देगी।
कार्यकारी समिति ने बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम की अर्जुन पुरस्कार के लिए सिफारिश करने का भी फैसला किया। कार्यकारी समिति ने दिवंगत युवा क्रिकेटरों बंगाल के अंकित केशरी, झारखंड के गौरव के अलावा नेपाल और भारत में भूकंप त्रासदी के कारण मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।