क्रिकेट के मैदान पर रविवार को एक ऐसा दुर्लभ संयोग हुआ, जिसके बारे में जो भी जानेगा वह रोमांचित हो जाएगा।
यह दुर्लभ घटना घटी बांग्लादेश में खेले जा रहे ढाका प्रीमियर डिविजन (डीपीडी) में। रविवार का दिन था और डीपीडी के दो मैच खेले गए।
50-50 ओवर के इन दो मैचों में दो हैट्रिक लगे। और इस हैट्रिक की सबसे खास बात यह कि कारनामा करने वाले दो गेंदबाजों के बीच तीन समानताएं भी देखी गईं।
रूबल हुसैन और तपश बैस्य ने डीपीडी में अपनी-अपनी टीमों की ओर से हैट्रिक लिए। दोनों गेंदबाजों के बीच बड़ी समानता यह रही कि दोनों ने अपने-अपने हैट्रिक पहली पारी के अंतिम ओवर में पूरी किए।
इसके अलावा दोनों गेंदबाजों की टीम को हार का मुंह भी देखना पड़ा। सबसे बड़ी समानता यह रही कि दोनों क्रिकेटरों को हैट्रिक लेने के बाद में उन्हें पता नहीं चला कि उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
एक अनोखा संयोग यह भी हुआ कि दोनों गेंदबाजों की विपक्षी टीम की ओर से एक-एक बल्लेबाज ने शतक भी जमाए।
रूबल को अखबार से मिली जानकारी
ब्रदर्स यूनियन की ओर से खेलने वाले रुबेल को हैट्रिक की जानकारी मैच के अगले दिन समाचार पत्रों से हुई।
हुआ यूं कि रूबल ने 48वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक विकेट लिया था। इसके बाद 50वें ओवर की पहली दो गेंदों पर लगातार विकेट लिए। लेकिन विपक्षी टीम के ऑलआउट हो जाने के कारण किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
बैस्य को भी नहीं पता चला
लगभग इसी समय बोगरा में एक मैच खेला जा रहा था कालाबागान क्रीड़ा चक्र और प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के बीच। तपस बैस्य ने 50वें ओवर में कालाबागान क्रीरा चक्र के अंतिम तीन गेंदों पर तीन विकेट झटके।
बैस्य की हैट्रिक में अंतिम दो कैच करने वाले जीवन मेंडिस ने पारी खत्म होने बाद में साथी गेंदबाज को इस उपलब्धि के बारे में बताया।
ब्रदर्स यूनियन ने डकवर्थ-लुइस के आधार पर गाजी टंक क्रिकेटर्स को 136 रनों से हराया। जबकि कालाबागान क्रीड़ा चक्र ने प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब को 86 रनों से पीट दिया।