पहली बार दो मामले आने से बिलासपुर जिला ग्रीन जोन से बाहर हो गया है। रविवार को कांगड़ा के झीरबल्ला के दो दिन पहले संक्रमित हुए युवक की 19 वर्षीय बहन के पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया है। युवती समेत परिवार के सैंपल लिए गए थे, जिनमें अन्यों की रिपोर्ट सामान्य आई है। उधर बिलासपुर जिले में बाहरी राज्यों के दो टैक्सी चालक कोरोना संक्रमित हुए हैं।
इनमें एक अहमदाबाद और दूसरा गुरुग्राम का रहने वाला है। ये सवारियां लेकर कांगड़ा के बैजनाथ और मंडी जिले के चच्योट जा रहे थे। एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया है कि आठ मई को गुजरात का 36 वर्षीय चालक सवारियों को लेकर बैजनाथ जा रहा था, जबकि 46 वर्षीय दिल्ली निवासी दूसरा चालक मंडी के चच्योट जा रहा था।
दोनों टैक्सी चालकों और सवारियों को स्वारघाट में मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए रोका था और चालकों के सैंपल लिए थे, जिनकी रिपोर्ट आईजीएमसी शिमला से पॉजिटिव आई है। इन्हें नेरचौक मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया है।
इन दोनों चालकों और साथ आईं सवारियों को नयनादेवी के मातृ आंचल और स्वारघाट के वन विभाग के विश्राम गृह में क्वारंटीन किया था। अब क्वारंटीन सवारियों के सैंपल लिए जाएंगे। इन दोनों चालकों का यात्रा इतिहास दिल्ली व गुजरात का बताया जा रहा है। उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने इसकी पुष्टि की है।
उधर चंबा के सलूणी में सामने आए तीन नए संक्रमित युवकों ने पहले से बद्दी से लौटे दो संक्रमित युवकों के साथ शराब पार्टी की थी। सलूणी के भड़ेला और खड़जोता इलाके के 21, 22 और 33 वर्षीय युवकों को चंबा के आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में ही भर्ती किया गया है। चंबा के संक्रमित दो साल की बच्ची और उसके पिता समेत तीन लोग भी यहीं भर्ती हैं।
उधर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक में फैसला लिया है कि अब लॉकडाउन में बाहरी राज्यों के किसी भी जोन से घर वापसी करने वाले हिमाचली 14 दिन बॉर्डर पर ही संस्थागत क्वारंटीन रहेंगे। पंजाब, महाराष्ट्र और देश के अन्य रेड जोन से आने वालों के सैंपल लिए जाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव होने, स्वास्थ्य चेकअप और क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद ही उन्हें घर भेजा जाएगा।
इन नोडल अफसरों को देश भर में फंसे लोगों को वापस लाने को संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि परेशानी न हो। सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों को वापस लाने में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाहर फंसे हिमाचल के लोगों की सुरक्षा के प्रति चिंतित है। बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों को घर भेजने से पहले क्वारंटीन अवधि में रखने का निर्णय लिया है। पंजाब, महाराष्ट्र और देश की अन्य रेड जोन से आने वाले हिमाचलियों की कोविड-19 के लिए जांच की जाएगी।