पूरी दुनिया में कोरोना महामारी थमने का नाम नहीं ले रही है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामलों में भी रोजाना वृद्धि हो रही है। लेकिन कोरोना काल में डॉक्टर तीन माह से पूरी लगन के साथ रात-दिन डटे हुए हैं। जिला कुल्लू में डॉ. सत्यव्रत वैद्य भी कोरोना वॉरियर की भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना को लेकर उनके पास पूरे जिला का जिम्मा है। उन्हें इस महामारी से निपटने के लिए जिला सर्विलांस अधिकारी नियुक्त किया है। पिछले तीन महीने में उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली है।
हालांकि उनके पिता बीमार हैं और वह उनसे भी नहीं मिल पा रहे हैं। इसके बावजूद डॉ. वैद्य ने अवकाश नहीं लिया है। कोरोना महामारी में उनकी ड्यूटी का समय भी आठ घंटे से बढ़कर 16 घंटे तक हो गया है। कई बार सुबह नौ बजे निकलते हैं तो रात 12 से एक बजे ड्यूटी खत्म होती है। जिला में कोरोना जांच के अलावा बाहर से आने वाले लोगों पर भी पूर नजर रख रहे हैं। मनाली से लेकर निरमंड तक कोरोना की सभी गतिविधियों को देखने की जिम्मेदार उन पर है।
भले ही जिला कुल्लू अब कोरोना मुक्त हो गया है। लेकिन कोरोना काल में ड्यूटी दे रही चिकित्सकों की समस्या कम नहीं हुई है। कोरोना कैसे और कब आ जाए, इसके लिए हर वक्त उन्हें तैयार रहना पड़ता है। उधर, डीसी कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि कोरोना काल में जिला कुल्लू के चिकित्सकों की टीम बेहतर काम कर कोरोना वॉरियर की भूमिका निभा रही है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सत्यव्रत वैद्य ने कहा कि उनको अवकाश लिए बिना तीन माह से अधिक समय हो गया है। घर में उनके 87 वर्षीय पिता की तबीयत खराब है। लेकिन वह समय नहीं दे पा रहे है। उन्होंने कहा कि अभी तक उनकी टीम जिला में कोरोना के 2630 सैंपल ले चुकी है।