मैं न तो कोई पहली, और न ही अंतिम शख्स हूं, जो यह कह रही हूं कि भारत मिली-जुली संस्कृति वाला देश है। भारत को समझना इसलिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि यहां 1.2 अरब लोग बसते हैं और सभी के साथ जटिलताएं जुड़ी हैं। चीन या रूस जैसे बड़े देशों के विपरीत यहां कई भाषाएं हैं, साथ ही हर राज्यों की अपनी अलग-अलग संस्कृतियां हैं। इससे आप मेरी परेशानी का सहज अंदाजा लगा सकते हैं, क्योंकि मैं 4,400 किलोमीटर दूर एक ऐसे देश से आई हूं, जहां सिर्फ एक ही भाषा है। यह सच है कि इंटरनेट और मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के संदर्भ में मेरे देश, अमेरिका को भारत पछाड़ रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक यहां 30 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हो जाएंगे। यानी अमेरिका के हर पुरुष, महिला और बच्चे पर एक भारतीय इंटरनेट उपभोक्ता। इसके साथ ही अभी यहां 60 करोड़ लोग मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं, यानी अमेरिका की आबादी का दोगुना।
भारतीय हमेशा नई तकनीक को अपनाने में आगे रहते हैं, फिर वह इंटरनेट हो, मोबाइल या अब सोशल मीडिया। ऐसे वक्त में, जब विश्व की सर्वाधिक युवा आबादी भारत में बसती है और मोबाइल फोन की सहायता से इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है, कारोबारी और उपयोगकर्ता, दोनों के लिहाज से सोशल मीडिया के लिए यह एक बेहतरीन समय है। जहां तक टि्वटर की बात है, भारतीयों के लिए इस मंच पर आने का इससे बेहतर समय हो ही नहीं सकता। आखिरकार ज्यादा से ज्यादा लोग अब यह समझने लगे हैं कि सोशल मीडिया महज दोस्तों से जुड़ने का साधन मात्र ही नहीं है। आज भारत सरकार सोशल मीडिया की सहायता से ही अमेरिका के करीब आ रही है, और इसी माध्यम से लोगों को प्रियंका चोपड़ा की नई फिल्म और उसके प्रेरणास्रोत की जानकारी मिल रही है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया की तैयारी की खबरें भी इसी माध्यम से मिल रही हैं। इतना ही नहीं, टि्वटर हमें उनसे बात करने का मौका भी दे रहा है।
टि्वटर कितना प्रभावित कर सकता है, इसका सर्वोत्तम उदाहरण नरेंद्र मोदी हैं। उन्हें ऐसे चुनाव में अभूतपूर्व जनादेश मिला, जिसे 'टि्वटर इलेक्शन' भी कहा जाता है। टि्वटर पर उनके फॉलोअरों की संख्या 80 लाख को पार कर गई है। मगर सबसे आकर्षक है, उनकी नई शैली। हर मंत्रालय को सोशल मीडिया से जोड़ने का उनका सपना ही है कि आज करीब 40 मंत्री टि्वटर के जरिये लोगों से जुड़े हुए हैं। यह विचार न सिर्फ सरकार को जमीन पर उतार रहा है, बल्कि सभी नागरिकों को अपने मंत्रालयों से जुड़ने और समस्या के निराकरण का मंच भी मुहैया करा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 'टि्वटर डिप्लोमेसी' के जरिये भी इसे नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे और ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष टोनी एबॉट के साथ उनकी ऑनलाइन बातें दोनों देशों के बीच नई दोस्ती का स्पष्ट संकेत है।
ऐसे देश में, जो कई सारी छोटी-बड़ी समस्याओं से जूझता है, टि्वटर जागरूकता फैलाने के साथ ही विकास का भी बड़ा वाहक है। जैसे सत्यमेव जयते की यात्रा को ही देखें। इस कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दे सोशल मीडिया पर गंभीर बहसों का हिस्सा बने। स्थिति यह रही कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टि्वटर पर 300 प्रतिशत ज्यादा ट्वीट इससे संबंधित हुईं। इतना ही नहीं, शो देखने के दौरान किए जाने वाले ट्वीट आपको दूसरे लोगों के करीब भी लाते हैं। यानी यह ऐसा मंच है, जहां हर कोई आपकी बातचीत का हिस्सा बन सकता है।
यह भी एक बड़ी वजह है कि आखिर क्यों हम भारतीय क्रिकेट टीम के लाखों प्रशंसकों का अनुभव बढ़ाने के लिए टि्वटर का इस्तेमाल करना चाहते हैं। अगले वर्ष आईसीसी विश्व कप में भारत विश्व विजेता का अपना ताज बचाने के लिए मैदान में उतरेगा। हमारा मानना है कि टि्वटर पर क्रिकेटप्रेमियों की दहाड़ हम ठीक उसी तरह सुनेंगे, जैसा आईपीएल के दौरान सुनते रहे हैं। इस मंच पर आप न सिर्फ अपनी राय दे पाएंगे, बल्कि दो महीने तक होने वाले हर मुकाबले से संबंधित बातचीत का हिस्सा भी बन सकेंगे। इतना ही नहीं, टि्वटर पर ही आप यह साझा कर सकेंगे कि विश्व कप का आपका पसंदीदा पल कौन-सा है। वास्तव में, भारत टि्वटर पर क्रिकेट के बारे में होने वाली वैश्विक बातचीत का वाहक बन रहा है, जो पिच पर और पिच से बाहर भी प्रशंसकों को क्रिकेट सितारों के करीब ला रहा है।
लेकिन सोशल मीडिया को महज क्रिकेट और बॉलीवुड तक ही नहीं समेटा जा सकता। मेरे लिए यह भारत के आत्मविश्वास की आत्म अभिव्यक्ति है। यह नई दुनिया खोजने में आपकी मदद करता है। अगर आप संगीत में किसी खास विधा को पसंद करते हैं, तो टि्वटर आपको उन लोगों तक पहुंचाने में मदद करता है, जिनकी रुचि आपकी तरह ही संगीत की उस विधा में है। यानी इस माध्यम से हमारा लक्ष्य पृथ्वी के सभी हिस्सों तक पहुंचना है।
संक्षेप में कहें, तो लाखों भारतीय टि्वटर का इस्तेमाल दिन भर की खबरों से जुड़े रहने, क्रिकेट कमेंटरी और स्कोर की ताजा स्थिति जानने और फिल्म, राजनीति तथा खेल की हस्तियों के व्यक्तिगत विचार जानने के लिए कर रहे हैं। कोई भी आम आदमी टि्वटर पर एक मुफ्त एकाउंट खोलकर ऐसा कर सकता है। इससे आसानी से वह उन हस्तियों तक पहुंच सकता है, जिनसे वह जुड़ना चाहता है। जैसा कि मैंने शुरू में कहा था कि भारत अलग है, लेकिन दुनिया को खोजने की प्यास, समान उद्देश्य के लिए काम कर रहे लोगों से जुड़ने की ललक और अपने विचार को प्रस्तुत करने की समझ ही वह धागा है, जो भारतीयों को पूरी दुनिया से जोड़ रहा है। कहना अतिशयोक्ति नहीं कि टि्वटर आज उन सभी विचारों और लोगों के सोशल मीडिया पर आने की प्रतीक्षा कर रहा है।
(लेखिका टि्वटर की वाइस प्रेसिडेंट हैं)