सूंड की मांसपेशियां इतनी मजबूत होती हैं कि मजबूत से मजबूत पेड़ तक को उखाड़ फेंके। हालांकि हाथी इस सूंड का उपयोग बेहद सटीकता से करता है। मनुष्य के हाथ में अंगुलियां जो काम करती हैं, वह हाथी अपनी सूंड से करता है।मैं वैज्ञानिकों के उस समूह का हिस्सा थी, जिसने अफ्रीकी सवाना हाथियों का परीक्षण यह देखने के लिए किया कि उनकी सूंड की नोक कितना बल लगाती है। हाथी की सूंड की मांसपेशियों में कोई हड्डी नहीं होती है। कई तंत्रिकाएं होती हैं, जो इसे किसी चीज को पकड़ने के लिए बहुत ताकत, सटीकता और संवेदनशीलता प्रदान करती हैं।
हाथी की सूंड की नोक पर दो उंगलियों जैसे उभार होते हैं ऊपर की तरफ नुकीला और नीचे की तरफ ज्यादा गोल और छोटा उभार। हमने यह भी अध्ययन किया कि सूंड की स्थिति हाथी द्वारा लगाए जाने वाले बल को कैसे प्रभावित करती है।
रोबोट बनाने वाले इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरों ने प्राकृतिक जैविक ऊतक के लचीलेपन और तरीके की नकल करने की कोशिश की है, जिससे वे अलग-अलग काम करते समय मुड़ सकते हैं। इसे जैव-प्रेरित तकनीक के रूप में जाना जाता है। यह सॉफ्ट रोबोटिक्स में उपयोगी है, जो रोबोट के डिजाइन और निर्माण पर केंद्रित है।
पिछले 20 वर्षों से, हाथी की सूंड ने इस शोध को प्रेरित किया है। यह रोबोट के सॉफ्ट ग्रिपर्स के भावी विकास के लिए उपयोगी है। सॉफ्ट ग्रिपर्स रोबोट की भुजा के अंत में लगा उपकरण होता है, जो चीजों को पकड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
हाथी की सूंड पर आधारित सॉफ्ट ग्रिपर अपने आकार बदलकर अप्रत्याशित वातावरण के अनुकूल हो जाते हैं। हमने सूंड द्वारा लगाए गए अधिकतम पिंच बल को मापा, जो 86.4 न्यूटन था। मनुष्यों में अंगूठे और तर्जनी के बीच अधिकतम पिंच बल 49 से 68 न्यूटन के बीच होता है। तो जब आप किसी हाथी के नजदीक हों, तो उसकी सूंड की ताकत को नजरंदाज बिल्कुल मत कीजिएगा।