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इंसानी दिमाग: अंधेरी रात क्यों करती है उदास... अवसाद के लक्षणों से बचने के लिए अच्छी नींद से शुरुआत करें

क्रिस्टिना कैरॉन, द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 13 Oct 2024 06:43 AM IST

सार

रात में अच्छी नींद नहीं आती तो इसके पीछे सिरहाने रखा मोबाइल फोन तो नहीं।
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अंधेरी रात (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई


देर रात को मिजाज खराब...

रटगर्स यूनिवर्सिटी में मनोचिकित्सा की क्लीनिकल प्रोफेसर और अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन की निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. थेरेसा मिस्किमेन रिवेरा ने कहा, 'यह दुख की भावना है। यह ऐसा एहसास है : मानो कोई खुशी नहीं है। जीवन बहुत नीरस है।' ऐसे कई कारक हैं, जो देर रात को मिजाज खराब करते हैं, जिनमें अनिद्रा, अकेलापन, शराब या किसी अन्य तरह का नशा शामिल है। लेकिन हमारे दैनिक चक्र में शारीरिक, मानसिक एवं व्यावहारिक परिवर्तन (सर्केडियन लय) और शारीरिक घड़ी (बॉडी क्लॉक) भी इसमें भूमिका निभाती हैं।


नींद लाने में सहायक मेलाटोनिन

हमारी बॉडी क्लॉक ही हमारी सजगता, भूख और नींद को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह शरीर के तापमान, हार्मोन स्तर और प्रतिरक्षा तंत्र जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को विनियमित करने में मदद करती है। सर्केडियन लय 'जैविक रात' की शुरुआत को नियंत्रित करती है, जो नींद लाने में सहायक मेलाटोनिन बनाने के लिए पीनियल ग्रंथि को निर्देश देती है। और यदि शारीरिक घड़ी सोने-जागने के चक्र के अनुरूप नहीं है, तो इसका मिजाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रात में अवसाद के लक्षणों से बचने के लिए अच्छी नींद से शुरुआत करें।


मन में उठने वाले विचार...

साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सारा एल. चेलप्पा, एकसमान नींद और जागने का समय तय करने, दिन में झपकी लेने से बचने और सोने से कम से कम एक घंटा पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को छिपाने की सलाह देती हैं। अपने बेडरूम को आरामदायक, ठंडे तापमान पर रखना भी महत्वपूर्ण है। डॉ. रिवेरा का कहना है कि बिस्तर के पास एक कलम और कागज रखें, ताकि मन में उठने वाले विचारों को लिख सकें और फिर दिन के दौरान उन पर विचार कर सकें। इससे आप अपनी चिंताओं से निपट सकते हैं।
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