खगोलशास्त्री कैसे लगाते है अनुमान
खैर, हम बात कर रहे हैं कि ब्रह्मांड में तारे कितने हैं, तो इसका पता लगाने के लिए पहले आकाशगंगाओं का अनुमान लगाना होता है। ऐसा करने के लिए खगोलशास्त्री आकाश के छोटे हिस्सों की कई विस्तृत तस्वीरें लेते हैं और उन तस्वीरों में दिखने वाली सभी आकाशगंगाओं की गिनती करते हैं। फिर उस संख्या को पूरे आकाश की तस्वीर लेने के लिए आवश्यक चित्रों की संख्या से गुणा किया जाता है। अनुमान है कि ब्रह्मांड में करीब बीस खरब आकाशगंगाएं हैं।
बीस खरब आकाशगंगाओं में कितने तारे?
खगोलविदों को ठीक से पता नहीं है कि उन बीस खरब आकाशगंगाओं में से प्रत्येक में कितने तारे हैं? ज्यादातर तारे इतने दूर हैं कि इनकी सटीक संख्या पता करना मुश्किल है। लेकिन हम अपनी आकाशगंगा में तारों की संख्या का अनुमान लगा सकते हैं। वे तारे भी कई आकार और रंगों में आते हैं। हमारा सूर्य एक सफेद तारा, मध्यम गर्म, मध्यम आकार और मध्यम वजन का है। इसके केंद्र में 1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस तापमान है। बड़े, भारी और गर्म तारे नीले रंग के होते हैं, जैसे लायरा तारामंडल में वेगा।
प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की तरह छोटे, हल्के और मंद तारे आम तौर पर लाल होते हैं। सूर्य को छोड़कर, यह हमारे सबसे निकट का तारा है। लाल, सफेद और नीले तारे अलग-अलग मात्रा में प्रकाश छोड़ते हैं। तारे की रोशनी, विशेष रूप से उसके रंग और चमक को मापकर खगोलशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि हमारी आकाशगंगा में लगभग 100 अरब तारे हैं।
मौटे तौर पर 100 अरब तारों और बीस खरब आकाशगंगाओं का गुणा करेंगे, तो ब्रह्मांड में कुल तारों की संख्या करीब 200 अरब खरब यानी 200,000,000,000,000,000,000,000 होगी। इसकी कल्पना करना भी कठिन है। यह पृथ्वी के सभी महासागरों में मौजूद कपों पानी की संख्या से लगभग दस गुना अधिक है। अगली बार जब आप आकाश को देखें, तो यह सोचकर आश्चर्य करें कि उन तारों की परिक्रमा करने वाली खरबों दुनियाओं में क्या हो रहा होगा।