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अब योग से निरोग होइए

Sun, 28 Jun 2015 06:21 PM IST
सहीराम
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जैसा कि कहा गया है, योग संभावनाओं को संभव बनाता है, इसलिए बेहतर होगा कि हम उन संभावनाओं पर एक नजर डाल लें, जिनका संभव होना तय है। चूंकि दावा यह है कि योग शरीर को निरोग बनाता है, इसलिए संभावनाएं देखिए कि कैसी-कैसी हैं। राजपथ पर पिछले दिनों वह सीन बना कि गणतंत्र दिवस पर भी क्या बनता होगा।
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योग का मतलब है, निरोगी काया। यानी निरंतर योग करेंगे, कोई बीमारी ही नहीं होगी। ऐसे में, यह संभव है कि सरकार आगे से कोई अस्पताल ही न खोले-बस योग संस्थान ही खोले। यह भी संभव है कि सरकार कोई मेडिकल कॉलेज भी न खोले। हां, प्राइवेट पार्टियां अगर अस्तपाल और मेडिकल कॉलेज खोलना चाहें, तो उन्हें इस बात की पूरी छूट होगी, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। एफडीआई की इजाजत भी उन्हें देर-सबेर दे ही दी जाएगी।

दावा क्योंकि यह भी है कि योग सामर्थ्य पैदा करता है, तो संभव है कि सरकार घोषणा कर दे कि किसान खेती चाहे न करें, अपनी जमीन कॉरपोरेट को दे दें और योग जरूर किया करें। इससे इतना सामर्थ्य पैदा होगा कि किसान आत्महत्या नहीं करेगा। फिर भी कोई किसान अगर आत्महत्या कर ही बैठा, तो सरकार उसे कोई मुआवजा नहीं देगी। जब सामर्थ्य दे तो दिया, तो फिर मुआवजा कैसा?
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छात्रों को भी योग सिखाया जाएगा। फिर सोशल साइंस और इतिहास की कोई जरूरत नहीं रह जाएगी। रहा साइंस, तो योग से बड़ा साइंस और क्या होगा? हमारे जवान भी योग की शक्ति से ही भरपूर शक्तिशाली बन जाएंगे। समस्या बस यह रह जाएगी कि फिर हथियारों की खरीद कैसे होगी। दुनिया में दलाली का क्या होगा? और गरीबी, बेरोजगारी तो समस्या रह ही नहीं जाएगी। गरीब के पेट को अनुलोम-विलोम और कपालभाति के प्रदर्शन के लिए उपयुक्त माना जाएगा।

योग से ही राजकाज, योग से ही अर्थव्यवस्था, योग से ही देश और योग से ही दुनिया चलेगी। समस्या यही है कि योग से अमेरिका नहीं चला, उसकी कंपनियां नहीं चलीं, तो क्या होगा? क्योंकि चीन तो योग से चलनेवाला है नहीं।
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