नीदरलैंड्स के द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के मामले में जो फैसला सुनाया है, वह भारत के हक में है और इसे भारत की एक बड़ी जीत माना जा सकता है। आईसीजे ने फिलहाल जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है और पाकिस्तान को निर्देश दिया है कि वह फांसी की सजा पर पुनर्विचार करे। भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद फैलाने के आरोप में 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी।
पाकिस्तानी सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। भारत को जब यह बात समझ में आ गई कि इस मसले को लेकर पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाएगा कि भारत कुलभूषण जाधव के जरिये बलूचिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था, तब उसने आईसीजे में जाने का फैसला किया। हालांकि भारत का रुख कूटनीतिक और वैधानिक तौर पर पहले से ही सही था और यही साबित करने भारत आईसीजे में गया था। सोलह में से पंद्रह जजों ने भारत के पक्ष में फैसला दिया।