दलित करोड़पति, 15 प्रेरणादायक कहानियां लेखक - मिलिंद खांडेकर
प्रकाशक : पेंगुइन बुक्स, कीमत : 150 रुपये
कल्पना सरोज, अशोक खाड़े और हर्ष भास्कर जमीन से उठे और आज वो एक सफल बिजनेसमैन हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को इनके बारे में नहीं पता। इनका संबंध भारतीय समाज के दलित वर्ग से है, जिन्हें अछूत समझा जाता रहा। भेदभाव हुआ, लेकिन इन लोगों ने चट्टानी इरादों के दम पर सफलता की नई इबारतें लिख डालीं और भारतीय उद्योग जगत में अपनी पहचान कायम की।
पेंगुइन बुक्स से प्रकाशित मिलिंद खांडेकर की किताब 'दलित करोड़पति-15 प्रेरणादायक कहानियां' के नायक हैं कल्पना सरोज, अशोक खाड़े और हर्ष भास्कर जैसे लोग। 'दलित करोड़पति-15 प्रेरणादायक कहानियां' में 15 कहानियां हैं, जिनमें 15 दलित उद्योगपतियों के संघर्ष को शॉर्ट स्टोरीज की शक्ल में हमारे समाने रखा है मिलिंद खांडेकर ने। मिलिंद पत्रकार हैं।
ये कहानियां उन दलित करोड़पतियों की हैं, जो छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कभी मोहताज थे, लेकिन आज उनकी कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है। उन्होंने ये कामयाबी कैसे हासिल की, क्या मुश्किलें आईं और उन्होंने इन मुश्किलों पर कैसे फतह हासिल की? इन कहानियों में उस कामयाबी की दास्तान है, जो प्रेरित करती है, मन को छूती है और दिल में गहराई तक उतर जाती है।