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ब्रिटिश राजनीति की गड़बड़ी : ब्रेग्जिट की मार के बाद मतदाताओं की बदलती पसंद और मनोदशा को भांपने की चुनौती

बेन विलिंग्स
Updated Sat, 22 Oct 2022 08:26 AM IST

सार

सैद्धांतिक रूप से ब्रेग्जिट द्वारा पैदा सभी भ्रमपूर्ण अवसरों का एहसास करने के लिए इसके सबसे उत्साही समर्थकों ने टेरिजा मे को हटाने के लिए जॉनसन का समर्थन किया। लेकिन जॉनसन जल्द ही एक के बाद एक स्केंडलों में घिर गए।
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Britain : liz truss - फोटो : Agency (File Photo)


यानी इसे अनजाने में सरकार से बाहर रहते हुए नेतृत्व परिवर्तन के लिए तैयार किया गया था। विपक्ष में रहते हुए तो यह ठीक है, लेकिन सरकार में रहते हुए नेता चुनने का मतलब प्रधानमंत्री चुनना होता है। इसके अलावा कंजरवेटिव पार्टी अब नेताओं पर बहुत ज्यादा जोर देने लगी है। प्रधानमंत्री अब सभी 'समान लोगों में से प्रथम' का मामला नहीं रह गया है। कंजरवेटिव पार्टी ने बोरिस जॉनसन का समर्थन किया, क्योंकि उन्होंने ब्रेग्जिट पूरा करने का वादा किया था। 


हालांकि 2019 के चुनाव में 80 सीटों के उनके बहुमत ने ऐसी धारणा बनाई कि लोग पार्टी (कंजरवेटिव) के बजाय एक नेता (जॉनसन) के लिए मतदान कर रहे थे। लेकिन यह नया समर्थन यदि जॉनसन और ब्रेग्जिट के लिए था, न कि कंजरवेटिव पार्टी के लिए, तो इसका मतलब यह भी था कि यह बाद में रहने वाला नहीं था। यह जॉनसन को हटाने की तात्कालिकता और ट्रस की नीतियों के विरोध की व्याख्या करने में भी मदद करता है। इसलिए जब उनकी जगह पर ट्रस को लाया गया, तो समर्थन तेजी से घट गया। 


आम तौर पर मजबूत कंजरवेटिव मतदाताओं ने ट्रस की 'छोटे राज्य' विचारधारा के परिणामस्वरूप अपने कर्जों के भुगतान और ऊर्जा बिलों में वृद्धि देखी। वे खुश नहीं हैं और वे पहले से ही कंजरवेटिव पार्टी से दूर जा रहे थे, जैसा कि इस साल हुए उपचुनावों से पता चलता है। कंजरवेटिव पार्टी से किसी नए विचार की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इनके नेताओं में सोच की भारी कमी है। कंजरवेटिव पार्टी की मानसिकता में अतीत भविष्य का मार्गदर्शक नहीं, बल्कि गंतव्य है। 


वे इन सबसे सीखने का भी कोई संकेत नहीं दर्शाते। यदि आपको ट्रिकल डाउन अर्थव्यवस्था (उच्च आय वर्ग का समर्थन करने वाली अर्थव्यवस्था) पसंद नहीं है, तो आप इसके बजाय मितव्ययिता अपना सकते हैं। बेशक, ब्रिटिश मतदाताओं की मनोदशा का अनुमान लगाना कठिन रहा है। ब्रेग्जिट, आंतरिक विभाजन और खराब पार्टी प्रबंधन ने मतदाताओं की निष्ठा को कम कर दिया। इसी वजह से 2017 के चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी ने वोट शेयर बढ़ने के बावजूद स्वस्थ बहुमत खो दिया। 


यह पिछले वर्षों की तुलना में ब्रिटिश राजनीति में सबसे बड़ा गलत अनुमान था, जब डेविड कैमरन ब्रेग्जिट जनमत संग्रह में हार गए थे। ये सभी समस्याएं किसी न किसी तरह से कंजरवेटिव पार्टी की आंतरिक हैं। मितव्ययिता से नाराज मतदाताओं ने दक्षिणपंथी लोकलुभावन पार्टी यूकेआईपी की ओर रुख किया, जिससे कैमरन को यूरोपीय संघ की सदस्यता पर जनमत संग्रह कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। कैमरन ने यूरोपीय संघ की सदस्यता की उच्च राजनीति के साथ दांव खेला और हार गए। 


सैद्धांतिक रूप से ब्रेग्जिट द्वारा पैदा सभी भ्रमपूर्ण अवसरों का एहसास करने के लिए इसके सबसे उत्साही समर्थकों ने टेरिजा मे को हटाने के लिए जॉनसन का समर्थन किया। लेकिन जॉनसन जल्द ही एक के बाद एक स्केंडलों में घिर गए। इसलिए जब सांसदों ने सोचा कि अपने मतदाताओं के पास जाना सुरक्षित है, तो ट्रस ने अंतरिम बजट से दक्षिणी इंग्लैंड में कंजरवेटिव पार्टी के पहले से ही घटते समर्थन को और कम कर दिया। अब जबकि ट्रस ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, वे (कंजरवेटिव) फिर से 2022 की पहली छमाही के गौरवशाली दिनों को याद कर रहे हैं और उनके पसंदीदा उम्मीदवार बोरिस जॉनसन हैं। असल में कंजरवेटिव पार्टी ने वह दृष्टि खो दी है कि उनके और देश के हित किसमें है। (कन्वर्सेशन से) -लेखक मोनाश यूनिवर्सिटी में राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के वरिष्ठ व्याख्याता हैं।

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