मेरा जन्म आइसलैंडिक मूर्ति शिल्पी मां और खुदरा व्यवसायी पिता के घर लंदन में हुआ था। मैंने फैशन के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में कभी करियर की तलाश नहीं की। बचपन में ही मुझे जूतियों के प्रति आकर्षण पैदा हो गया। मेरी मां के पास जूतियों और गुलाबी सैंडिलों की बहुत सी जोड़ियां थीं।
यूनिवर्सिटी से प्रबंधन कोर्स करने के बाद मैं हैकनी स्थित जूता डिजाइन कॉलेज कॉर्डवेनर्स गई और फ्रांसीसी फैशन हाउस रॉबर्ट क्लर्गेरी के डिजाइन स्टूडियो और व्हिसिल्स व जोसेफ की दुकानों में काम किया। उसके बाद मैंने अपनी बचत के 13,000 पाउंड (करीब बारह लाख रुपये) और बैंक से 15,000 पाउंड (करीब चौदह लाख रुपये) उधार लेकर एलके बेनेट कंपनी की स्थापना की। शुरुआत मैंने विभिन्न स्टोरों के लिए हैंडबैग बनाने से की, लेकिन कुछ समय बाद अपनी एक छोटी-सी दुकान विंबलडन में खोली।
वह इतनी सफल रही कि शीघ्र ही मैंने फुटवियर की दुकान खोली। इसकी वजह यह थी कि मुझे शुरू में ही यह एहसास हो गया कि जो भी काम आप करते हैं, उसे अगर प्यार से करते हैं, तो सफलता की संभावना बहुत ज्यादा होती है। मैं खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखती हूं, जिसके पास दृष्टि है और जो अपने उत्पादों के बारे में भावुक है। मेरे अंदर का उद्यमी इसी की उपज है। लेकिन वास्तव में मेरी सफलता का राज अपने ब्रांड के प्रति मेरी दृष्टि और हमारे ग्राहक क्या पहनना चाहते हैं, उसमें निहित है।
किसी भी व्यवसाय में सफलता के लिए उद्यमी के पास एक स्पष्ट दृष्टि और दृढ़ता होनी चाहिए। सफलता के लिए आप अपनी गलतियों को आंकें और अपने आसपास ऐसे अच्छे लोगों को रखें, जो इस अंतराल को पाट सके। स्वयं के बजाय उत्पाद को सामने रखना सबसे महत्वपूर्ण है। और मैं अपने व्यवसाय के बारे में बात करने के बजाय व्यवसाय को चलाने में विश्वास रखती हूं। सफल होने के लिए जरूरी है कि आप अपने ग्राहकों को अनूठा उत्पाद या सेवाएं प्रदान करें, यही आपको अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त दिलाएगा।
इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके प्रतिद्वंद्वी से आपका उत्पाद बिल्कुल अलग रहे। आपका यूनिक सेलिंग पॉइंट क्या है, यह व्यवसाय में सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप निश्चित रूप से अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे हो जाएंगे और सफल कहलाएंगे।