पढ़ना मेरी पहली एकमात्र बुरी आदत थी और उससे अन्य सब अवगुण आए। मैंने खाते वक्त पढ़ा, स्नानघर में पढ़ा। जब मुझे सोना चाहिए था, मैं पढ़ रही थी। समाज की दी हुई छवि के बजाय अपनी छवि गढ़ने का निर्णय लेने के लिए बहुत साहस और स्वतंत्रता की जरूरत है, लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते जाते हैं, यह आसान हो जाता है। मानव के पास खुद को गढ़ने का अपरिहार्य अधिकार है। आप केवल एक बार युवा होते हैं, लेकिन हमेशा के लिए अपरिपक्व बने रह सकते हैं।
हर स्त्री जानती है कि उसकी अन्य सभी उपलब्धियों के बावजूद, अगर वह सुंदर नहीं है तो विफल है। उदासी से बोध और व्यंग्य उत्पन्न होते हैं; उदासी असहज और अप्रिय है, इसीलिए उपभोक्ता समाज इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता है। सुरक्षा जीवन का नकार है। अगर स्त्री कभी खुद को मुक्त नहीं करती है, तब वह कैसे जान पाएगी कि उसे कितनी दूर तक जाना है?
अगर वह अपने ऊंची एड़ी के जूते कभी नहीं उतारेगी, तो वह कैसे जान पाएगी कि वह कितनी दूर चल सती है या कितनी तेजी से दौड़ सकती है? स्त्री की क्षमता को उसके द्वारा किसी पुरुष को आकर्षित करने और फुसलाने की क्षमता से नहीं मापा जाना चाहिए।
एक गृहिणी के काम का कोई महत्व नहीं होता है : उस काम को बस फिर से करना होता है। बच्चों को पालना कोई वास्तविक पेशा नहीं है, क्योंकि बच्चे एक ही तरीके से बड़े होते हैं, चाहे उनका पालन-पोषण किया जाए या नहीं।
मुझे लगता है कि वे पुरुष जो स्त्रियों के प्रति व्यक्तिगत रूप से सबसे अधिक विनम्र हैं, जो उन्हें देवदूत कहते हैं, वे गुप्त रूप से स्त्रियों का सबसे अधिक तिरस्कार करते हैं। स्वतंत्रता भयानक है, लेकिन वह प्राण-पोषक भी है। झूठ घृणित है और उसका अपना स्वयं का विकराल जीवन है। वह अपने चारों ओर फैली सच्चाई को दूषित कर देता है। आनंद का सार सहजता है।
-ऑस्ट्रेलिया की स्त्रीवादी लेखिका और विचारक।