स्वस्थ होने पर मैंने कुछ कहानियां लिखीं और उन्हें कुछ प्रकाशकों के पास भेज दीं। उनमें से एक ने जवाब दिया कि वह उसे प्रकाशित करेंगे। लेकिन फिर वह दिवालिया हो गया। फिर एक बड़ी कंपनी ने उसे खरीदा। इस तरह देखें, तो इसमें भी एक कहानी है कि हर अंत शुरुआत है और हर शुरुआत अंत है।
हर महान कहानी के बहुत ज्यादा नहीं, तो कम से कम दो प्रारूप होते हैं, एक वह जो प्रकट होता है और दूसरा वह, जो चीजों के नीचे अदृश्य रहता है। किताबों में तमाम संभावनाएं निहित होती हैं। किताबों के जरिये आप खुद अपने दायरे से बाहर निकलते हैं, खुद को खो देते हैं, एक अजीब तृष्णा से बेचैन रहते हैं और जीवन को पूरी तरह से जीने का आनंद उठाते हैं। यानी किताबों का मतलब है सब कुछ।
हम कभी भी कोई संगीत सुनने के बाद उसे एक बार में ही समझने की उम्मीद नहीं करते, लेकिन किताब पढ़ने के बाद हम मान लेते हैं कि मैंने वह किताब पढ़ ली, अब उसे पढ़ने की जरूरत नहीं। एक अच्छे संवाद की तरह एक अच्छी बहस हमेशा जीवन का प्रमाण है, लेकिन मैं किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करती हूं।
सेंसरशिप को छोड़कर साहित्य के लिए कुछ भी नुकसानदेह नहीं हैं, लेकिन साहित्य को अपने लक्ष्य तक पहुंचने से वह कभी रोक नहीं पाई है, क्योंकि साहित्य के पास हर उस चीज से निपटने का तरीका है, जो उसे रोकती है। कहानियां हमें नदियां पार करने के लिए रस्सियां उपलब्ध कराती हैं। वे हमें संतुलन प्रदान करती हैं और प्राकृतिक रूप से कलाबाज बनाती हैं। कहानियों ने हमें साहसी बनाया और बदल डाला।
-स्कॉटिश लेखिका