आग में जल गए सारे उपकरण
डेनमार्क के एक उद्योगपति, समाजसेवी चित्रकार विल्हम हैट (1843-1912) ने 7 जून 1896 को यह काम किया, उसने कोपेनहेगन में लुमियर सिनेमाटोग्राफ़ एक लकड़ी के पवेलियन पर लगाया और को चलते-फ़िरते चित्रों की प्रदर्शनी की। दुर्भाग्य से एक व्यक्ति की ईर्ष्या का शिकार होकर सारे उपकरण आग की भेंट चढ़ गए। असल में एक इलेक्ट्रिशियन को नौकरी से निकाल दिया गया था और उसने इस तरह अपना बदला लिया था। लेकिन विल्हम भी एक ही जिद्दी व्यक्ति था उसने खूब विज्ञापन और शोर-शराबे के साथ शो को फ़िर चालू किया। उसका शो देखने राजसी परिवार भी आया था।
फ़िनलैंड में 16 मई को पहली बार ये तस्वीरें पहुंचीं। हेल्सिंकी के टाउन हाल में ये मात्र आठ दिन टिकीं। कारण था, शहर की आबादी का कम होना और टिकट का मूल्य अधिक होना। ये आठ दिन 28 जून से शुरू हुए और जल्द समाप्त हो गए। मगर इतने ही दिनों में फ़ोटोग्राफ़र कार्ल एमिल स्टाबर्ग को इसकी धुन सवार हो गई और उसने जनवरी 1897 से लुमियर फ़िल्म्स का वितरण प्रारंभ कर दिया।
हेल्सिंकी के बाहर ऑस्कर अलोनेन ने यही काम शुरू किया और ‘लीविंग पिक्चर्स’ लोगों तक पहुंचने लगीं। 1904 में कार्ल एमिल स्टाबर्ग ने फ़िनलैंड में स्थाई सिनेमा ‘अराउंड द वर्ल्ड’ स्थापित किया।
28 जून 1896 को मालमो में उद्योग मेला-प्रदर्शनी लगी और स्वीडन में पहला प्रोजेक्शन लगा। इस बार लुमियर सामग्री का प्रबंध किया डैनिश शोमैन हैराल्ड लिम्किल्ड ने। जल्द ही सिनेमेटोग्राफ़ उत्तर में फ़ैल गया। इसका श्रेय जाता है पेरिस डेली पत्रिका ‘के सोइर’ के एक पत्रकार चार्ल्स मार्शल को। उसने 21 जुलाई को एडीसन काइनेटोस्कोप की सहायता से स्टॉकहोम के विक्टोरिया थियेटर में यह काम पहली बार किया। बहुत सफ़लता न मिलने के कारण जल्द ही एडीसन के उपकरण को स्कालडानोवस्की भाइयों ने स्थानांतरित कर दिया, उन्होंने स्वीडन में कुछ चलते-फ़िरते चित्र खींचे और उन्हें प्रदर्शित किया।
हेल्सिंकी का सिनेमा से जुड़ाव
1911 में हेल्सिंकी में 17 सिनेमा हॉल थे और पूरे देश में 81 थियेटर थे। दस साल बाद 1921 में यह संख्या हेल्सिंकी में 20 पहुंच गई और पूरे देश में यह संख्या बढ़ कर 118 हो गई। 1907 में पहली फ़िनिश फ़िक्शन फ़िल्म ‘बूटलेगर्स’ नाम से बनी। 1913 में पुरो निर्देशित फ़िनिश फ़िक्शन फ़िल्म ‘सिल्वी’ का टुकड़ा आज भी बचा हुआ है जिसे उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
एरिक एस्टलैंडर ने ‘फ़िन्लैंडिया फ़िल्मी’ की स्थापना की और 1912-1916 के बीच 49 फ़िल्में बनाई जिनमें देश के सुदूर उत्तर में फ़िल्माई गई कुछ शॉर्ट फ़िल्में भी शामिल थीं। यलमार वी. पोजायहेमो ने 1910 से कई सिनेमा हाल लिए और जल्द ही वह प्रोडक्शन भी करने लगा।
प्रायद्वीप की जनसंख्या कम होने के बावजूद दुनिया का सिने-इतिहास बिना स्कैन्डेवियन देशों के सिने-इतिहास के पूरा नहीं हो सकता है।
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