विश्व सिनेमा और निर्देशन
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कला का उद्देश्य राजनीति नहीं होता है, उनका कहना है कि राजनीति में उनकी रूचि नहीं है।
शांग ईमो की फिल्में
शांग ईमो दोनों तरह की फ़िल्में बनाते हैं- एक अपनी रुचि की फ़िल्में और दूसरी कमर्शियल फ़िल्में। ‘हीरो’ तथा ‘हाउस ऑफ़ फ़्लाइंग डैगर्स’ उनकी कमर्शियल फ़िल्में हैं। वे बहुत सारी फ़िल्में बनाना चाहते हैं जिनमें दूसरों की कहानियां हैं और जो आत्मकथात्मक हैं। उनकी फ़िल्में कलात्मकता के लिए स्मरण की जाएंगी। मनुष्य की भावनाएं काल और स्थान के परे होती हैं, मानवीयता साझा होती है। अगर कोई फ़िल्म सार्वभौमिक मानवीय भावनाओं को स्पर्श करती है तो वह दर्शकों को अवश्य पसंद आती है। दर्शक ऐसी फ़िल्म का आनंद लेता है। ‘द रोड होम’ एक ऐसी ही फ़िल्म है।
मनमाफ़िक फ़िल्म बनाने के कारण उन्हें अपने देश में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। उनकी दूसरी फ़िल्म ‘रेज द रेड लैंटर्न’ तथा तीसरी फ़िल्म ‘रेड सोगम’ बाहर खूब प्रशंसित हुई लेकिन विवाह संस्था की बुराई तथा स्त्री के शोषण की कहानियां होने के कारण इन्हें चीन में काफ़ी समय तक प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
शांग ईमो की फ़िल्में देश के बाहर चीन का प्रतिनिधित्व करती हैं, वे चीन के सांस्कृतिक दूत हैं। अभी तक उन्हें 2 बाफ़्टा फ़िल्म पुरस्कार मिले हैं इसके आलावा 161 अन्य फ़िल्म पुरस्कार उन्होंने जीते हैं। सिनेमेटोग्राफ़र के रूप में वे खूब सफ़ल रहे हैं। ‘येलो अर्थ’ फ़िल्म के कैमरामैन की चाक्षुष शैली की खूब प्रशंसा हुई है। जिस सिने-प्रेमी ने ‘क्राउचिंग टाइगर हिडन ड्रैगन’ देखी है, वह निर्देशक शांग ईमो की विश्व सिनेमा में लाई ताजी बयार को कभी नहीं भूल सकता है।
इस फ़िल्म के कई हिस्सों को दुनिया के कई निर्देशकों ने दोहराया है, मगर इसकी ऊंचाई को शायद ही कोई पा सका है। बांस के जंगल में उड़ते, तलवारबाजी करते, मार्शल आर्ट करते अभिनेता दर्शकों को भी अपने साथ उड़ा ले चलते हैं। चीन की इस फ़िल्म ने दुनिया के सिने-दृश्य को परिवर्तित कर दिया है।
‘क्राउचिंग टाइगर हिडन ड्रैगन’
‘क्राउचिंग टाइगर हिडन ड्रैगन’ फ़िल्म में एक्शन की लयात्मकता, सौंदर्य, इसके स्पेशल इफ़ेक्ट ने लोगों को मोहित कर लिया। इसकी महानता स्वीकारनी होगी। विश्वास नहीं होता है, ‘द रोड होम’ की नाजुक नायिका अभिनेत्री शांग ज़ियी ही ‘क्राउचिंग टाइगर हिडन ड्रैगन’ की कठोर नायिका है। यह निर्देशक का कमाल होता है कि वह अभिनेता से कैसा काम ले पाता है। इस मामले में निर्देशक शांग ईमो लाजवाब हैं।
इसी अभिनेत्री से उन्होंने ‘हीरो’ तथा ‘हाउस ऑफ़ फ़्लाइंग डैगर्स’ में भी प्रशंसनीय अभिनय करवाया है। एक कुशल निर्देशक अभिनेता की छिपी प्रतिभा को उभार सकता है। शांग ईमो एक कुशल निर्देशक हैं। अक्सर उनकी तुलना ईरानी सिने-निर्देशक किआरोस्तामी से की जाती है। निर्देशन के अलावा दोनों की रुचि कैमरे में भी है।
शांग ईमो की ‘द रोड होम’ ग्रामीणों की सहभागिता का अन्यतम उदाहरण है, जहाँ सारे लोग मिल कर स्कूल खड़ा करते हैं लेकिन उस कालानुसार इस सामूहिक कार्य में लड़कियों-स्त्रियों का हाथ बंटाना निषिद्ध है। मगर इनके बिना काम कैसे चले। उनका काम है, काम कर रहे सारे पुरुषों के लिए खाना बना कर लाना। नायिका की एक मासूम-सी इच्छा है, नायक उसका लाया खाना खा ले। ऐसी छोटी-छोटी कई मासूमियत मिला कर शांग ईमो ने यह रोमांटिक फ़िल्म बनाई है।
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