इसरो के इस मून मिशन की लॉन्चिंग रितु करिधाल श्रीवास्तव के सुपरविजन में होगी जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली हैं।
- फोटो : Social Media
इसमें इसरो में कार्यरत् महिला वैज्ञानिकों का बहुत बड़ा योगदान है कि जब उनके बारे में जानकारी मिली और पढ़ने-सुनने को मिला तो कई युवतियां इससे बहुत प्रभावित हुईं और इससे प्रेरित होकर उन्होने अपने उच्च अध्ययन के लिए विज्ञान के विषयों का चुनाव किया और अब भी इस विषय को चुन रही हैं। इसके लिए यदि उन्हें कम्फर्ट जोन से भी बाहर आना पड़े तो भी वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार होती दिखाई दे रही हैं।
यही नहीं उनके माता-पिता भी अब उनके साथ सहयोग करते हैं और वह यदि अपने घर से दूर भी किसी विशेष स्थान पर जाकर इस अध्ययन को पूरा करना चाहती हैं तो वह इसकी अनुमति भी दे देते हैं। भले ही वे यदि स्वयं इसके महत्व को समझ पाएं या नहीं पर बेटी की रुचि व इच्छा में बाधा नहीं बनना चाहते। इसे एक सुखद परिवर्तन कहा जा सकता है।
इसरो का बड़ा चमत्कार
इधर जब से इसरो ने अपने चंद्रयान-2 की कमान दो महिलाओं को सौंपने की घोषणा की है तब से महिलाओं के विज्ञान के क्षेत्र में और अधिक संख्या में आने की संभावना और बढ़ी है। इसे एक बहुत बड़ी पहल कहा जा सकता है। यह भारत का पहला ऐसा अंतरग्रहीय मिशन है जिसमें महिला सक्रिय रूप से भाग लेंगी और उनकी सफलता को विश्व देखेगा।
एक ओर एम वनिता चंद्रयान-2 की प्रोजेक्ट इंजीनियर हैं और रितु करिधाल मिशन डायरेक्टर होंगी। जब इसरो प्रमुख ने इन दो महिला वैज्ञानिकों की घोषणा की तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा में इसकी बहुत चर्चा की और इसरो की इस घोषणा का स्वागत किया। जाहिर है अब तो विश्व जान गया है कि भारतीय महिला वैज्ञानिक भी किसी भी प्रकार कमतर नहीं है और भारतीय महिलाओं की योग्यता व क्षमता भी कम नहीं है।
पुरषों ने साइंस, मैथ्स और इससे जुड़े सभी क्षेत्रों में अपना ही वर्चस्व बना रखा था पर महिलाओँ ने भी इस क्षेत्र में कदम रखकर यह बता दिया है कि उनमें योग्यता व क्षमता कहीं भी कम नहीं है।
दरअसल, यह महिलाओं की अप्रतिम योग्यता ही है कि वह अपने घर तथा अपने वैज्ञानिक स्वरूप दोनों को मैनेज कर रहीं हैं। विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के रोल को पहचानने में देर तो लगी पर आखिर इसे पहचान ही लिया गया। इसरो के इस योगदान की सराहना की जानी चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।