स्ट्रीट वेंडर्स भी उद्यमी हैं जो एक ईमानदार और सम्मान जनक जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं।
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स्वनिधि योजना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि क्रेडिट सुविधा केवल उन विक्रेताओं के लिए उपलब्ध है जो 24 मार्च 2020 से पहले वेंडिंग कर रहे हैं। सरकार को ये ध्यान में रखना होगा कि स्ट्रीट वेडिंग एक कम लागत वाला उद्यम है जो शहरी गरीबों को त्वरित स्वरोजगार के लिए एवेन्यू प्रदान करता है।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार, शहरी आबादी के 2.5 फीसदी तक के सभी मौजूदा विक्रेताओं को वेंडिंग ज़ोन में लाइसेंस दिया जाना चाहिए। अतः दिल्ली में नए वेंडरों को भी इस स्कीम में लाभ दिया जाना चाहिए।
भले ही कई स्ट्रीट वेंडरो को ऋण मिल भी जाए, तो भी यह स्पष्ट नहीं है कि अगर पुलिस अधिकारी उनको परेशान करना जारी रखते हैं, तो ऐसे में वे वेंडर अपने ऋण को कैसे चुकाएंगे। अगर पुलिस उन्हें काम ही नहीं करने देगी, तो वे ऋण लेकर करेंगे क्या?
सड़क विक्रेता भी उद्यमी हैं जो एक ईमानदार और सम्मान जनक जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। यह समय राज्य सरकारों के लिए ऐसी परिस्थितियां निर्मित करने का है, जो सड़क विक्रेताओं के लिए अनुकूल हो। विक्रेता उत्पीड़न को रोकने के लिए पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और उन्हें अपने काम पर लौटने दिया जाए।
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