मणिपुर विधानसभा चुनाव 2022
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भाजपा नेतृत्व इसे दिवास्वप्न बताता है। उसके मुताबिक एनपीपी मणिपुर में भाजपा के विकल्प के रूप में उभरने का सपना देख रही है। यह पार्टी केवल चुनाव के समय यहां आती है। इसका तो सफाया हो जायेगा।
भाजपा और एनपीपी में इस तरह से तलवारें खिंचने से कांग्रेस की बांछें खिल गई हैं। पहले तो उसने भाजपा की 60 की सूची में शामिल नहीं हो पाने वाले 16 विधायकों में से 10 को टिकट दे दिया, फिर एनपीपी से आपसी समझ का इशारा कर खलबली पैदा कर दी। हेमोचंद्र ने कहा- राज्यसभा चुनावों में हमने मिलकर काम किया है। सैद्धांतिक रूप से एनपीपी हमारे संग है।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से पंच गुना संपत्ति के मलिक हैं उनके दामाद और सगोलबंद से भाजपा प्रत्याशी आरके इमो सिंह राजीव गांधी के समय केंद्रीय मंत्री रहे राजकुमार जयचंद्र सिंह के पुत्र इमो सिंह के चुनावी हलफनामे के अनुसार वे पांच करोड़ से अधिक चल और अचल संपत्ति के मालिक हैं। जबकि उनके श्वसुर बीरेन सिंह के पास एक करोड़ से कुछ अधिक की संपत्ति है।
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