रहस्यमयी स्पिनर शेन वॉर्न
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निजी जीवन में अनुशासित नहीं रह पाए वॉर्न
साल 2000 में एक ब्रिटिश नर्स ने शेन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वॉर्न उन्हें अश्लील मैसेज भेजते थे। इस आरोप के बाद उनसे उप-कप्तानी भी छीन ली गई थी। वॉर्न की आशिक मिजाजी की वजह से ही उनका तलाक भी हो गया, जिसके बाद वह ब्रिटिश अभिनेत्री लिज हर्ले के साथ सम्बन्ध में रहे पर बाद में उनसे भी अलग हो गए।
साल 2019 में उन पर एक साल के लिए ड्राइविंग प्रतिबंध भी लगा था। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, वॉर्न पर यह प्रतिबंध दो साल के दौरान छठी बार गति का उल्लंघन करने के बाद लगाया गया था।
पिछले साल वॉर्न के दोस्त ट्रिपल एम सिडनी रेडियो के होस्ट लॉरेंस मूने ने उनको लेकर कुछ नए खुलासे किए थे। डेलीमेल से बात करते मूने ने कहा कि वॉर्न 'लेडीज मैन' हैं। उनको बेड पर अकेले जाना बिल्कुल पसंद नहीं है।
आईपीएल से लेकर बिग बैश तक
शेन वॉर्न नए जमाने के क्रिकेट ट्वेंटी-ट्वेंटी में भी काफ़ी साल क्लब क्रिकेट खेलते रहे। आईपीएल के पहले सीज़न में उन्होंने अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स को खिताब दिलवाया। ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाली बिग बैश लीग में वह मेलबर्न स्टार्स की तरफ़ से खेलते थे और वहां भी उनका नाता विवादों से नहीं छूटा। मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलने वाले वेस्टइंडीज के क्रिकेटर मार्लोन सैमुअल्स से 6 जनवरी 2013 में मैच के दौरान वॉर्न ने अपशब्द कहे, बाद में इस वज़ह से उन्हें एक मैच का प्रतिबंध लगा।
कमेंट्री को पेशे के रूप में चुनने के बाद शेन वॉर्न कमेंट्री बॉक्स में भी चर्चा में रहते थे। दिसम्बर 2020 में शेन ने कमेंट्री के दौरान पुजारा का विवादित निकनेम लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनको जमकर ट्रोल किया था।
शेन वॉर्न अपने देश में स्पिन गेंदबाज़ों के गिरते स्तर से अनजान नहीं थे, उन्होंने
‘द वेस्ट ऑस्ट्रेलियन’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा था-
स्पिनर को हर मैच खेलना चाहिए, चाहे हालात कैसे भी हो। ताकि स्पिनर समझ सके कि पहले या चौथे दिन कैसी गेंद डालनी है। इस समय हालात अनुकूल होने पर ही प्रांतीय टीमें उन्हें चुनती हैं। अगर वे प्रांतीय स्तर पर नहीं खेलेंगे तो सीखेंगे कैसे? क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को इसमें प्रयास करने होंगे। नाथन लियोन की जगह लेने के लिए प्रतिभाशाली स्पिनर की कमी है।
कैसे याद किए जाएंगे वॉर्न
मैदान के बाहर वो जैसे भी थे पर मैदान के अंदर उन्होंने जो कुछ किया था, उसकी वज़ह से हर कोई उनसे प्यार करता था। जिस तेज़ी के साथ आजकल क्रिकेट खेला जा रहा है और खिलाड़ियों को मशीन समझा जाने लगा है, उसे देख यह नहीं लगता कि आने वाले समय में कोई भी क्रिकेटर 1000 विकेट लेने का कारनामा फ़िर से दोहरा भी पाएगा।
चैंपियन जाता कहां है वो तो अमर रहता है, वॉर्न इस दुनिया से जाने के बाद भी दूसरी दुनिया से उभरते क्रिकेटरों को प्रेरित करते रहेंगे। 'शेन बॉलिंग' से न जाने कितने खिलाड़ी भविष्य में भी अपनी कलाई घुमाएंगे और ज़ोर से घुमाएंगे।