फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी
- फोटो : Twitter@Emmanuel Macron
दोनों देशों में महत्वपूर्ण समझौते
अगले 25 सालों में द्विपक्षीय संबंध के तीन आधार स्तंभ तैयार किए गए हैं। इसमें पहला है- सुरक्षा और संप्रभुता के लिए परस्पर साझेदारी। दूसरा है पृथ्वी की रक्षा के लिए साझेदारी। तीसरा है लोगों के लिए साझेदारी।
इस दौरान राफेल जेट से लेकर स्कॉर्पीन पनडुब्बियों पर बातें और समझौते हुए। फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस और इसरो के बीच कई समझौतों के जरिए वैज्ञानिक और वाणिज्यिक साझेदारी को बढ़ावा देने की बात कही गई है। हिंद महासागर के लिए अति महत्वाकांक्षी समुद्री सैटेलाइट तृष्णा पर भी दोनों देशों ने आपसी सहयोग पर सहमति जताई है।
इसके आलावा साल 2030 तक फ्रांस में तीस हजार भारतीय छात्रों का स्वागत करने का नया लक्ष्य रखा गया है। भारतीय छात्रों लिए फ्रांस ने शेंगेन वीजा जारी करने पर भी रजामंदी दी है। शेंगेन एक लंबी अवधि का वीजा है जिसकी मांग भारतीय छात्र लंबे समय से करते आ रहे हैं। यह वीजा पांच सालों के लिए होगा।
यूपीआई का बढ़ता दबदबा
फ्रांस ने अपने यहां भारत के यूपीआई (एकीकृत भुगतान प्रणाली) को मान्यता देकर इस रिश्ते को और मजबूती प्रदान की है। पेरिस के ला सीन म्यूजिकल में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा-
एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है... एक ऐसी व्यवस्था जहां भारत किसी भी अवसर को जाने नहीं देगा। प्रधानमंत्री ने यूपीआई का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस यहां यूपीआई का उपयोग करने पर सहमत हुए हैं। आने वाले दिनों में इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से होगी, जिसका मतलब है कि भारतीय पर्यटक अब रुपये में भुगतान कर सकेंगे।
फ्रांसीसी मीडिया में 2024 के चुनाव की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा फ्रांसीसी अखबारों में भी छाई रही। वहां के तमाम बड़े अखबारों ने इस यात्रा को काफी तवज्जो दिया है। फ्रांस के प्रमुख बिजनेस अखबार 'ला इको' ने मोदी का साक्षात्कार प्रकाशित कर तमाम मुद्दों पर उनकी बातों को प्रमुखता से रखा। फ्रांस के प्रमुख अखबार ला मोंड ने लिखा है कि मोदी की भारतीय जनता पार्टी 2014 का आम चुनाव जीत कर सत्ता में आई थी और 2024 में भी वह चुनाव जीतने के लिहाज से अच्छी स्थिति में नजर आ रही है।
अखबार ने लिखा है कि भारत लंबे समय तक अहम गुटनिरपेक्ष देश रहा है, लेकिन अब मोदी के नेतृत्व में ये बहुपक्षीय कूटनीति को अपना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के रिश्तों में जो मजबूती प्रदान की है वो निश्चित तौर पर आने वाले समय में और प्रगाढ़ होगी।
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