दुबई में रविवार शाम भारत और पाकिस्तान के बीच 41 साल में पहली बार एशिया कप का फाइनल खेला जाएगा। टूर्नामेंट के शुरुआत दोनों मैचों में भारत ने पाकिस्तान को शिकस्त देकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया है। यूं लग रहा है, जैसे भारतीय खिलाड़ियों के आगे पाकिस्तान टीम की शक्ति खो जाती है, लेकिन फाइनल में प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
विशेषकर पिछले दो मैचों में जिस तरह का भारतीय टीम की प्रदर्शन रहा है, उसने चिंतित जरूर कर दिया है। खासकर श्रीलंका के खिलाफ मैच में भारतीय गेंदबाजों की पोल खुल गई।
बांग्लादेश के खिलाफ मध्यम क्रम की बल्लेबाजी असफल रही। पाकिस्तान पर फतह हासिल करनी है तो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी भारतीय टीम को दमखम दिखाना होगा।
एशिया कप में अब तक भारतीय टीम अजेय रही है, लेकिन शुक्रवार शाम श्रीलंका के खिलाफ 202 रन के विशाल स्कोर को भारतीय गेंदबाज डिफेंड नहीं कर पाए। श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भी 20 ओवर में 202 रन बना डाले।
हालांकि, सुपर ओवर में भारत आसानी से जीत गया, लेकिन अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और अक्षर पटेल की गेंदबाजी खासी महंगी साबित हुई। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा शायद फाइनल में न खेलें, लेकिन अक्षर पटेल के तीन ओवर में बिना विकेट लिए 32 रन अखर गए। कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती भी चार ओवर में 31-31 रन दे बैठे।
बांग्लादेश के खिलाफ 24 सितंबर को खेले मैच में मध्यम क्रम की बल्लेबाजी कमजोर दिखी थी। पावर प्ले में बिना विकेट गंवाए 72 रन बनाने के बावजूद भारत 168 रन बना सका था। मध्यम क्रम में शिवम दुबे 2, कप्तान सूर्यकुमार यादव 5 और तिलक वर्मा 5 रन ही बना सके थे।
भारत के लिए चिंताजनक बात यह है कि ओपनर शुभमन गिल लय में नजर नहीं आ रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 47 रनों की एक पारी को छोड़ दिया जाए तो गिल किसी भी मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। गिल ने यूएई के खिलाफ नाबाद 20, पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में 10, ओमान के खिलाफ 5, बांग्लादेश के खिलाफ 29 और श्रीलंका के खिलाफ मात्र 4 रन बनाए।
कुछ-कुछ यही स्थिति कप्तान सूर्यकुमार यादव की भी है। उन्होंने भी पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में 47 रन की पारी खेली थी।
उसके अलावा यूएई के खिलाफ 7, पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में 0, बांग्लादेश के खिलाफ 5 और श्रीलंका के खिलाफ मात्र 12 रन बनाए। हार्दिक पांड्या बतौर ऑलराउंडर टीम हैं। गेंदबाजी में वो खासे महंगे साबित हुए हैं, जबकि उनका बल्ला खामोश रहा है।
भारतीय गेंदबाजी की जान जसप्रीत बुमराह हैं। उन्हें बीच-बीच में आराम दिया गया है। बुमराह भी फॉर्म में नहीं दिख रहे हैं। भारत के लिए परेशानी की बात यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में बुमराह ने चार ओवर में 45 रन दे दिए थे, जबकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था।
भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग भी दोयम दर्जे की रही है। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 कैच छोड़े थे, जिनमें कुछ कैच तो बेहद आसान थे।
भारत के लिए सुखद यही है कि ओपनर अभिषेक शर्मा न केवल लय में हैं, बल्कि रन मशीन बने हुए हैं। पिछले तीन मैचों में उन्होंने अर्द्धशतक लगाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब बना हुआ है। पाकिस्तानी गेंदबाज उनसे खौफ खा रहे हैं।
खासकर पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी की जिस तरह से अभिषेक शर्मा ने कुटाई की है, वो एशिया कप में यादगार रही है। भारत यही उम्मीद करेगा कि फाइनल में अभिषेक शर्मा का फॉर्म बना रहे।
जहां तक प्लेइंग इलेवन की बात है तो भारत पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच वाली टीम ही रखेगा। ओपनिंग अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल करेंगे, जबकि नंबर तीन पर सूर्यकुमार यादव, चार पर तिलक वर्मा और पांच पर संजू सैमसंग बल्लेबाजी करेंगे, जबकि हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे व अक्षर पटेल बतौर ऑल राउंडर रहेंगे, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव व वरुण चक्रवर्ती गेंदबाजी का मोर्चा संभालेंगे।
जहां तक टॉस जीतने की बात है तो भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पहले गेंदबाजी करना पसंद करेंगे। पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के दोनों मैचों में भारत ने पहले गेंदबाजी की है और दोनों मैच 7 और 6 विकेट से जीते हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप का फाइनल मुकाबला रोमांचकारी रहने वाला है।
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