विजनरी लीडर के रूप में वॉल्ट डिज्नी
विजनरी लीडर संगठन को मजबूत बनाता है ताकि वह अपने सदस्यों तथा वृहतर समाज को अपना योगदान दे सके। वॉल्ट डिज्नी ने पहले हाइपीरियन खड़ा किया, फ़िर बरबैंक बनाया। विजनरी लीडर भविष्य को संवारने की शक्ति रखता है। इस रूप में उसने भविष्य को क्रमबद्ध रूप में सोचा, उसके अनुकूल योजना बनाई और योजना को कार्यरूप में ढ़ाला। उसने ‘डिज्नीलैंड’ का विचार साकार करने में पांच साल लगाए, तब जाकर ‘वेड एंटरप्राइजेज’ बनाया।
इस कंपनी का काम थीम पार्क की योजना को कार्यरूप में परिणत करना था। उसने अपने कुछ इमैजिनियर्स को इस काम कर लगाया, बैंक ऑफ अमेरिका से इसकी फ़ंडिंग कराई और एक बेजोड़ काम कर दिखाया।
सामान्य रूप से माना जाता है कि जो भी लोगों को अपना विजन बेचने की क्षमता रखता है, जो लोगों को अपने विजन के साथ जोड़ता है, वही विजनरी लीडर होता है, यह सही नहीं है, ऐसी सोच बहुत खतरनाक है। विजनरी लीडर समुदाय या संगठन के उत्कृष्ट मूल्यों को वाणी देता है। उसका विजन सटीक होता, मात्र अपील, लफ़्फ़ाजी और कल्पना नहीं। मूल्यों को स्थापित करने के लिए खूब अधिक सुनना, खूब विचार-विमर्श, संवाद, वार्तालाप आवश्यक है।
वॉल्ट डिज्नी निरंतर अपने मूल्यों के विषय में बातें करता था।
प्रड्यूसर डेव हैंड का कहना था कि वॉल्ट अपने विचारों की बातें करता था। जब-जब वह अपने सहयोगियों की बात सुनने से चूका, उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। वह अपनी बात मनवाने की कला जानता था, अत: निवेशकों को अपने यहां निवेश करने के लिए राजी करवा पाता था। टफ़-से-टफ़ बैंकर उसकी सहायता के लिए तैयार हो जाता था। बाजार में उसकी अच्छी साख थी। लोग उसके यहां निवेश को उत्सुक रहते थे।
लीडरशिप के लिए अधिकार होना आवश्यक है। दिशा निर्देशन के लिए, उत्तर देने से ज्यादा प्रभावशाली है प्रश्न पूछना। लोगों को समस्याओं के समक्ष खड़ा कर देना। उन्हें यथार्थ का भान कराना। अक्सर लोग कष्टकर काम सीखने से बचना चाहते हैं। लोग विभिन्न तरीकों से नई परिस्थितियों, परिवर्तनों का प्रतिरोध करते हैं। एक लीडर को इन प्रतिरोधों की जानकारी होनी चाहिए, न केवल जानकारी होनी चाहिए वरन इनसे निपटना भी आना चाहिए।
वॉल्ट डिज्नी का अपने संगठन में पूरा दबदबा था। निर्विरोध वही प्रमुख कर्ता-धर्ता था। उसके स्टूडियो से जो भी उत्पादित होता उसकी नजर से स्वीकृत हो कर ही निकलता था। अत: कुछ लोग उसे तानाशाह भी कहते थे।
उसने अपने घर के पिछवाड़े ‘कैरोलवुड पैसिफ़िक रेलरोड’ को आगे चल कर डिज्नीलैंड का एक अहम हिस्सा बनाया। वह एक-एक कर इसमें काफ़ी कुछ जोड़ता चला गया। इसके लिए विशेष टीवी प्रोग्राम ‘वन आवर इन वंडरलैंड’ बनाया, एबीसी के साथ ‘डिज्नीलैंड प्रोग्राम’ बनाया और चलाया। यही बाद में रंगीन हो कर एनबीसी से प्रसारित होने लगा। कुछ आगे चल कर उसने ‘डिज्नी वर्ल्ड’ का सपना देखा और ‘एक्सपेरिमेंटल प्रोटोटाइप सिटी ऑफ़ टुमारो’ की कल्पना की।
विजनरी लीडर सृजनात्मक होता है। वॉल्ट डिज्नी के भाई रॉय का कहना था, वॉल्ट स्वभाव से ही किसी काम को दोहराना नहीं चाहता है। वह सदा कुछ नया करने की कोशिश में लगा रहता है। निरंतर मेहनत करने वाला। सृजनात्मक व्यक्ति सृजन करता है और उस सृजन को उन लोगों में बांट कर प्रसन्न होता है जो उसका महत्व जानते हैं, उस कृति की प्रशंसा कर सकते हैं।
वॉल्ट डिज्नी जैसे एकाध सृजनशील व्यक्ति सफ़ल उद्योगपति भी होते हैं। अक्सर लोगों के पास महत्वाकांक्षा होती हैं, इंट्यूशन नहीं होता है। वॉल्ट डिज्नी के पास दोनों था।
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