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एग्जिट पोल्स : राजस्थान, मप्र-मिजोरम में टक्कर, छग में सरकार रिपीट तो तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन के संकेत

सार

राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है, जबकि तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस के बीच में टक्कर है। यहां भारतीय जनता पार्टी दृश्य में भी नहीं है। मिजोरम में क्षेत्रीय दल ही सरकार बनाएंगे, ऐसा संकेत एग्जिट पोल्स दे रहे हैं।
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Exit Polls क्या सही संकेत दे रहे हैं? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मतदाता ने बटन दबाकर अपना फैसला ईवीएम में बंदकर दिया है और नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे, लेकिन एग्जिट पोल ने सभी पार्टियों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में सत्ताधारी पार्टी सत्ता रिपीट और विपक्ष बदलाव की उम्मीद लगाए हुए है।

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राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है, जबकि तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस के बीच में टक्कर है। यहां भारतीय जनता पार्टी दृश्य में भी नहीं है। मिजोरम में क्षेत्रीय दल ही सरकार बनाएंगे, ऐसा संकेत एग्जिट पोल्स दे रहे हैं।


शुरुआत राजस्थान से करते हैं। यहां अभी कांग्रेस की सरकार है। एग्जिट पोल्स संकेत दे रहे हैं कि मुकाबला बहुत ही कांटे का है। मतदान के बाद ऐसा ही कुछ चुनाव विश्लेषक भी मान रहे हैं।

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दरअसल, राजस्थान में हर 5 साल में सरकार बदलाने का एक रिवाज चला आ रहा है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी योजनाओं के भरोसे बेहद आश्वस्त हैं कि सरकार रिपीट होगी और रिवाज बदलेगा। 2018 में एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस को बढ़त दी थी और तब उनकी भविष्यवाणी सत्य के करीब रही थी। इस बार एग्जिट पोल्स राजस्थान को लेकर एकमत नजर नहीं आ रहे।

एक्सिस माय इंडिया ने कांग्रेस को भाजपा पर बढ़त दी है। यह पोल 199 सीटों में से कांग्रेस को 86-106, जबकि भाजपा को 80-100 सीटें दे रहा है। इसके उल्ट टाइम्स नाउ-ईटीजी पोल भाजपा को स्पष्ट बहुमत 108-128 सीट और कांग्रेस को 56-72 सीटें दे रहा है।

टीवी-9 पोल स्टार्ट कांटे की टक्कर तो जन की बात भाजपा की सरकार का अनुमान लगा रहा है। एग्जिट पोल्स को देखकर लग रहा है कि इस बार फिर निर्दलीयों और अन्य दलों की भूमिका राजस्थान में महत्वपूर्ण हो सकती है।
 

मध्य प्रदेश में 2018 में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर हुई थी। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, लेकिन कुछ सीटों से वो आगे रही थी और छोटे दलों व निर्दलीयों के साथ मिलकर उसने सरकार बनाई थी, पर कुछ महीनों बाद ही कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने भाजपा को फिर सत्ता में ला दिया था।


मध्य प्रदेश में भाजपा करीब-करीब दो दशक से सत्ता में है। अब वो सरकार विरोधी लहर से जूझ रही है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उसकी सत्ता में वापसी होगी। चुनावों में ऐसा माहौल भी देखने को मिला था। 2018 में मध्य प्रदेश को लेकर एग्जिट पोल्स बंटे हुए थे और आधे पोल्स ने भाजपा और आधे पोल्स ने कांग्रेस की सरकार का अनुमान लगाया था।

इस बार एग्जिट पोल दोनों दलों के बीच बेहद कांटे की टक्कर बता रहे हैं, यानी कुछ-कुछ स्थिति 2018 वाली भी बन सकती है। 230 सीटों वाली विधानसभा में एग्जिट पोल्स भाजपा को 102-130 और कांग्रेस को 97 से 125 सीटें दे रहे हैं, यानी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है। इस बार भी यहां अन्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहेगा। 
 

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छत्तीसगढ़ को लेकर भाजपा शुरू से यही मान रही थी कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है। - फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जिसे लेकर कांग्रेस सबसे ज्यादा आश्वस्त लग रही है। कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि उसकी सरकार रिपीट होगी। एग्जिट पोल्स भी इस ओर ही इशारा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ को लेकर भाजपा शुरू से यही मान रही थी कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है, लेकिन चुनाव से एक-दो महीने पहले जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां ताकत झोंकी तो उससे सरकार में आने की तो नहीं, लेकिन मजबूत विपक्ष की उम्मीद भाजपा ने जरूर बना ली है।
 
एग्जिट पोल्स कांग्रेस को 90 सीटों वाली विधानसभा में 40-56 और भाजपा को 30-46 सीटें दे रहे हैं। अन्य के खाते में 0-10 सीटें आ सकती हैं। 2018 में यहां एग्जिट पोल्स का कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान सही साबित हुआ था।

दक्षिणी राज्य तेलंगाना में के.चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार है और राव इस बार जबर्दस्त सरकार विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं। 119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस को इस बार सत्ता में वापसी की पूरी उम्मीद है। कांग्रेस नेताओं ने तेलंगाना में सबसे ज्यादा जोर लगाया है। लगभग सभी एग्जिट पोल्स इस ओर इशारा भी कर रहे हैं कि तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
 
पिछली बार भी एग्जिट पोल्स का अनुमान तेलंगाना को लेकर सही साबित हुआ था और अधिकांश ने 2018 में  तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब बीआरएस) का सत्ता में बने रहने का अनुमान लगाया था। यदि एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो तेलंगाना में के.चंद्रशेखर राव की 10 साल की सत्ता समाप्त होगी। यहां भाजपा लड़ाई में नहीं है।

इधर, कुछ सीटों पर एआईएमआईएम जरूर लड़ाई में है। एग्जिट पोल बीआरएस को 31-55, कांग्रेस को 48-79, भाजपा को 2-13 सीटें दे रहे हैं। एग्जिट पोल्स में स्पष्ट रूप से कांग्रेस की सत्ता में वापसी दिख रही है।

पांच राज्यों में सबसे छोटे 40 सीटों वाले मिजोरम में सत्तारूढ़ पार्टी एमएनएफ से सरकार खिसकती दिख रही है। एग्जिट पोल्स एमएनएफ को 10-18 सीटें दे रहे हैं, जबकि जेडपीएम को 12-25 सीटों का अनुमान है। यहां कांग्रेस थोड़ी बढ़त लेती दिख रही है और उसे 5-10 सीटों के बीच में मिलने का अनुमान लगाया गया है।

साफ है कि अगली सरकार में कांग्रेस की भूमिका रह सकती है। यहां भाजपा को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। साफ है कि एग्जिट पोल्स ने सभी दलों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं। 3 दिसंबर को स्पष्ट होगा कि एग्जिट पोल्स वास्तविक पोल रहे या नहीं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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