छत्तीसगढ़ को लेकर भाजपा शुरू से यही मान रही थी कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है।
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छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जिसे लेकर कांग्रेस सबसे ज्यादा आश्वस्त लग रही है। कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि उसकी सरकार रिपीट होगी। एग्जिट पोल्स भी इस ओर ही इशारा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ को लेकर भाजपा शुरू से यही मान रही थी कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है, लेकिन चुनाव से एक-दो महीने पहले जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां ताकत झोंकी तो उससे सरकार में आने की तो नहीं, लेकिन मजबूत विपक्ष की उम्मीद भाजपा ने जरूर बना ली है।
एग्जिट पोल्स कांग्रेस को 90 सीटों वाली विधानसभा में 40-56 और भाजपा को 30-46 सीटें दे रहे हैं। अन्य के खाते में 0-10 सीटें आ सकती हैं। 2018 में यहां एग्जिट पोल्स का कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान सही साबित हुआ था।
दक्षिणी राज्य तेलंगाना में के.चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार है और राव इस बार जबर्दस्त सरकार विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं। 119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस को इस बार सत्ता में वापसी की पूरी उम्मीद है। कांग्रेस नेताओं ने तेलंगाना में सबसे ज्यादा जोर लगाया है। लगभग सभी एग्जिट पोल्स इस ओर इशारा भी कर रहे हैं कि तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
पिछली बार भी एग्जिट पोल्स का अनुमान तेलंगाना को लेकर सही साबित हुआ था और अधिकांश ने 2018 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब बीआरएस) का सत्ता में बने रहने का अनुमान लगाया था। यदि एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो तेलंगाना में के.चंद्रशेखर राव की 10 साल की सत्ता समाप्त होगी। यहां भाजपा लड़ाई में नहीं है।
इधर, कुछ सीटों पर एआईएमआईएम जरूर लड़ाई में है। एग्जिट पोल बीआरएस को 31-55, कांग्रेस को 48-79, भाजपा को 2-13 सीटें दे रहे हैं। एग्जिट पोल्स में स्पष्ट रूप से कांग्रेस की सत्ता में वापसी दिख रही है।
पांच राज्यों में सबसे छोटे 40 सीटों वाले मिजोरम में सत्तारूढ़ पार्टी एमएनएफ से सरकार खिसकती दिख रही है। एग्जिट पोल्स एमएनएफ को 10-18 सीटें दे रहे हैं, जबकि जेडपीएम को 12-25 सीटों का अनुमान है। यहां कांग्रेस थोड़ी बढ़त लेती दिख रही है और उसे 5-10 सीटों के बीच में मिलने का अनुमान लगाया गया है।
साफ है कि अगली सरकार में कांग्रेस की भूमिका रह सकती है। यहां भाजपा को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। साफ है कि एग्जिट पोल्स ने सभी दलों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं। 3 दिसंबर को स्पष्ट होगा कि एग्जिट पोल्स वास्तविक पोल रहे या नहीं।
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