राहुल के इस अंदाज की झलक काफी पहले ही मिल गई थी। जब कांग्रेस को 2014 में करारी हार मिली थी,
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राहुल के इस अंदाज की झलक काफी पहले ही मिल गई थी। जब कांग्रेस को 2014 में करारी हार मिली थी, तब भी वह अपनी मां सोनिया गांधी के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आए थे और हार को खुले रूप से स्वीकारा था। इसके बाद कांग्रेस को असम, महाराष्ट्र, हिमाचल जैसे कई राज्य एक के बाद एक गंवाने पड़े थे। उनके खिलाफ विपक्ष के हमले तेज हो गए थे, तब भी राहुल ने संयम और धैर्य नहीं खोया। हर हाल के बाद वह मीडिया के सामने आकर कांग्रेस की गलती सुधारने और कड़ी मेहनत करने की बात कहते रहे। उनका यही जज्बा अब जाकर रंग लाया है।
क्या बदला हुआ अंदाज पार्टी में भरेगा जोश
बहरहाल, कांग्रेस की यह जीत और राहुल का संयम दोनों ही पार्टी में नया जोश भरेगी। सत्ता के इस सेमीफाइनल में जीत कांग्रेस और राहुल गांधी की हुई है। अब 2019 फाइनल की रेस भाजपा और नरेंद्र मोदी के लिए आसान नहीं रह गई है।
राहुल ने फाइनल से पहले जोश का ऐसा दम भरा है जो 2019 में कांग्रेस को सत्ता के दरवाजे तक पहुंचा सकता है। भाजपा के लिए 2019 का फाइनल मुकाबला अब बेहद मुश्किल हो गया है, जिस नेता और पार्टी को वह अब तक कमजोर मानकर अपने लिए वॉकओवर मान रही थी, हालात वैसे नहीं रहे। 2019 में मुकाबला कांटे का रहने वाला है।
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