फर्रुखाबाद। डाला छठ पर सूर्य को अर्घ देकर महिलाओं ने सुख और समृद्धि की कामना की। पूजन के साथ मौसमी फल और मिठाई अर्पित की गई।
गुरुवार शाम को किलाघाट स्थित गंगातट पर रंग-बिरंगे झालरों से सजावट की गई। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी छुड़ाई।
छठ पूजन करने आए परिवारों की महिलाओं ने गंगा किनारे गन्ने का पांडाल बनाया। केले के पेड़ के साथ ही आटा से चौक बनाया गया। छठ मैया और भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं ने लोकगीत गाए। पूजन के दौरान महिलाओं ने ‘मारको रे सुगवा धेनुषा सुगा गिरे मुरधाये’ आदि लोक गीतों के साथ व्रती महिलाओं ने सूर्य अस्त होने तक पूजन किया।
डूबते सूर्य को अर्र्घ देकर मौसमी फलों के साथ ठेकुआ का भोग लगाया। गंगातट पर पूजन के दौरान मेले जैसा माहौल बना रहा। करीब 150 परिवारों के लोगों ने छठ पूजा में हिस्सा लिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए राजपूत रेजीमेंट सेंटर के जवान तैनात किए गए थे। पूनम शर्मा, उर्मिला, फुलमरी देवी, शोभा देवी, आलिया, गायत्री देवी, रेनू रस्तोगी, प्रमिला वर्मा, बिम्मी कुमार और दुर्गा देवी ने पूजन-अर्चन कर परिवार के साथ ही देश की खुशहाली की कामना की।
पूर्वांचल विकास समिति के पदाधिकारी केदार शाह ने बताया कि शुक्रवार सुबह सूर्योदय के समय जल देकर पूजा का समापन होगा। तब तक पूजन करने वाली महिलाएं व्रत रहेंगी। इस अवसर पर डॉ. शमीउल्लाह खां, अतुल शर्मा, अजीत कुमार, वीवी सिंह, वीके झा और विकास सिन्हा आदि मौजूद रहे।