बढ़ते एनपीए को देखते हुए आरबीआई ने पहले बैंक के लाइसेंस को निरस्त किया। फिर एनपीए को न वसूल पाने पर आरबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 कर्मियों को सेवा मुक्त कर दिया।
भारतीय रिजर्व बैंक मुंबई के आदेश पर उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता लखनऊ मंडल ने एआर कोऑपरेटिव बैंक के सचिव सहित 11 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही बैंक में लिक्यूडेटर नियुक्त कर दिया है।
हरदोई के सिनेमा रोड स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 11 अक्तूबर 1995 को हुई थी। बैंक में 14 हजार से ज्यादा खाताधारक हैं। बचत, चालू खातों व अन्य योजनाओं में कुल 724.98 करोड़ रुपये जमा है। बैंक से 200 लोगों ने 517.97 लाख रुपये कर्ज ले रखा है। करीब 50 कर्जदारों ने बैंक का कर्ज नहीं लौटाया। इस कारण बैंक प्रबंधतंत्र ने इसे एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) की श्रेणी में डाल दिया। एनपीए खातों से वसूली न होने पर भारतीय रिजर्व बैंक मुंबई ने अगस्त के आखिरी सप्ताह में बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
इस फैसले के खिलाफ बैंक प्रबंधतंत्र, वित्त मंत्रालय में अपील भी दायर कर चुका है। उधर रिजर्व बैंक ने लखनऊ मंडल के उप आयुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता को बैंक का परिसमापक (लिक्यूडेटर) नियुक्त करने का आदेश दिया था।
उप आयुक्त एवं उप निबंधक लखनऊ मंडल विनोद कुमार पटेल ने एआर कोऑपरेटिव राजवीर सिंह वर्मा को बैंक का परिसमापक (लिक्यूडेटर) नियुक्त किया है। साथ ही बैंक के सचिव अनिल सिंह, शाखा प्रबंधक संजय श्रीवास्तव, क्लर्क/कैशियर सचेंद्र प्रताप सिंह, एकाउंटेंट ईश्वरवक्श सिंह, लिपिक शशांक सिंह, रामकुमार वर्मा, साधना सिंह, मुकेश कपूर, गनर बटेश्वर दयाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेंद्र व सतीश की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। एआर कोऑपरेटिव राजवीर सिंह वर्मा ने शुक्रवार शाम को कार्यभार संभाला है।