खंडहर की सफाई देख रो पड़ी अटल जी की मुनिया
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आगरा जिले के बटेश्वर में अटल जी के घर के स्थान पर अब स्मारक बनेगा। वहां खडे़ बबूल आदि की सफाई की जा रही है। मंगलवार को घर आंगन के स्थान से कटते जंगली बबूल को देखकर अटल जी नातिन मुनियां की आंखें छलक पड़ी।
भतीजे शिव कुमार की पुत्री सुधा को अटल जी मुनिया ही कहकर बुलाते थे। जबकि शिव कुमार को मुन्नू बोलते थे। सुधा ने बताया कि 1989 में वह 7वीं की पढ़ाई कर रही थी। तब अटल जी इसी घर में आए थे।
उसे गोदी में बैठाकर खिलाया था। 500 रुपये भी दिए थे। कागज के लिफाफे में रख कर पापा पेडे़ लाए थे। जिनको बाबा अटल ने खाया था। बताया कि अब ससुराल में रहने के कारण उसके बाद बाबा अटल से मिलने का अवसर नहीं मिला। बचपन में उन्होने अटल जी के घर आंगन को खूब लीपापोता है। अब अवशेष देखकर रोना आ रहा है। मंगलवार को वह ससुराल चमरौआ से पति अनिल कुमार और बेटी के साथ अटल जी के घर के अवशेष देखने आई थी।