कांग्रेस में बगावत की कमान थामने वाले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पूर्व सीएम पर जमकर निशाना साधा। कहा हरीश रावत ने नदियां खोदी उन्होंने रावत की कुर्सी खोद डाली। बहुगुणा ने सभी नौ विधायकों के साथ होने का दावा किया।
उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार गिराने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विजय बहुगुणा ने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचकर जगदगुरु शंकराचार्य से मुलाकात की। शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद पूर्व सीएम ने केदारनाथ में आपदा में क्षतिग्रस्त हुई शंकराचार्य की समाधि के जीर्णोद्धार पर जगदगुरु से चर्चा की।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से वार्ता में विजय बहुगुणा ने हरीश रावत पर अवैध खनन का आरोप लगाया। कहा कि हरीश रावत ने नदियां खोदीं इसलिए उन्होंने रावत की कुर्सी ही खोद डाली। कहा कि विधानसभा हरीश रावत को 18 मार्च को ही इस्तीफा दे देना चाहिए था क्योंकि उसी दिन सदन में बजट गिर चुका था। बजट गिर जाने के बाद हरीश रावत को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं था।
'राष्ट्रपति शासन नई बात नहीं, यह लोकतंत्र का हिस्सा'
विजय बहुगुणा
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राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर की जा रही आलोचनाओं पर बहुगुणा ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगना कोई नई बात नई है। इसके पहले देश भर में अन्य राज्यों को मिलाकर 126 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है और यह भी लोकतंत्र का हिस्सा है।
राष्ट्रपति शासन लगने के बाद प्रदेश में खनन से हो रही आय में वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि हरीश रावत के कार्यकाल में शासन के इशारे पर अवैध खनन को संरक्षण दिया जा रहा था।
बागी विधायकों में से कुछ के कांग्रेस में वापसी को पूर्व सीएम ने कोरी अफवाह बताया। कहा कि सभी नौ विधायक साथ हैं और किसी ने कांग्रेस में वापसी का निर्णय नहीं लिया है।
विकल्प खुले, जिसके पास बहुमत होगा वह सरकार बनाएगा
हरीश रावत और विजय बहुगुणा
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सरकार बनाने के सवाल पर कहा कि सभी के सामने विकल्प खुले हैं भाजपा या कांग्रेस में जिसके पास बहुमत होगा वह सरकार बनाएगा। कहा कि अभी मामला कोर्ट में चल रहा है।
बहुगुणा ने हरीश रावत सरकार पर दुर्भावना के साथ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी जगह जब हरीश रावत को सीएम बनाया गया था तो केवल नेतृत्व बदला था सरकार नहीं। लेकिन हरीश रावत के आने के बाद उनके द्वारा चलाई गई योजनाओं को रोक दिया गया।