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यूएन के मिशन पर उत्तराखंड सरकार का विजन, 17 प्वाइंट पर होगा काम

Sat, 17 Sep 2016 11:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
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विभिन्न क्षेत्रों में विकास के 17 बिंदुओं को लेकर राज्य योजना आयोग अगले 15 साल के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने में जुटा हुआ है। सभी विभागों के अधिकारियों को उनके विभागों की कार्ययोजना के साथ तलब किया गया है। इसके बाद 19 सितंबर को आने वाली नीति आयोग की टीम के साथ उच्चस्तरीय बैठक में इस पर चर्चा होगी। इस बैठक में मुख्य सचिव समेत सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसी रोडमैप पर चलने पर ही विभागों को धन आवंटन होगा।
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दरअसल संयुक्त राष्ट्र संघ की 2015 में हुई बैठक में तय हुआ था कि सभी सदस्य देशों को विकास से जुड़े 17 बिंदुओं पर योजना बनानी होगी। यह योजनाएं तीन श्रेणियों में होगी। पहली वह जिनका क्रियान्वयन तीन साल में, दूसरी जिनका क्रियान्वयन सात साल में, तीसरी जिनका लक्ष्य 15 साल में पूरा होना है।

यदि इन पर काम नहीं किया गया तो संयुक्त राष्ट्र संघ विकासशील देशों को दिए जाने वाले फंड में कटौती कर सकता है। कई देशों ने तो वर्ष 2030 तक का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करके दे दिया पर भारत अभी तक ऐसा नहीं कर पाया।
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इसी के तहत उत्तराखंड का राज्य योजना आयोग भी अपना विजन डॉक्यमेंट तैयार कर नीति आयोग को सौंपेगा। इसके लिए आयोग ने 14 से 17 सितंबर तक सभी विभागों के अधिकारियों को 30 साल के विभागीय रोड मैप के साथ तलब किया।
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17 बिंदुओं पर बनेगा रोडमैप

हरीश रावत - फोटो : Self
सभी विभागों को यह बताना होगा कि वह किस बिंदु पर कैसे और किस समय काम करेंगे। तय किए गए ‘इंडिकेटर्स’ पूरे होने पर ही धन की अगली किस्त जारी होगी। 19 सितंबर को नीति आयोग की टीम के आने से पहले यह विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर लिया जाएगा।      

ये बिंदु होंगे शामिल
1- पूरी तरह गरीबी उन्मूलन, 2- सभी को खाद्यान्न, 3- सभी को स्वास्थ्य सुविधा 4- सभी को शिक्षा 5- लिंग-वर्ण संबंधी असमानता 6- पर्यावरण संरक्षण 7- ढांचागत सुविधाएं 8- सामाजिक न्याय 9- सभी को शुद्ध पेयजल 10-उद्योगों का विकास 11- सतत आर्थिक विकास 12- ऊर्जा के अनेक क्षेत्र 13- छोटे-बड़े शहरों में समान सुविधाएं 14- नियोजित शहरी विकास 15- सतत उत्पादन व उपभोक्ता 16-जलवायु परिवर्तन 17- समुद्री संसाधन (उत्तराखंड में हिमालय, नदियों का संरक्षण)।
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