विभिन्न क्षेत्रों में विकास के 17 बिंदुओं को लेकर राज्य योजना आयोग अगले 15 साल के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने में जुटा हुआ है। सभी विभागों के अधिकारियों को उनके विभागों की कार्ययोजना के साथ तलब किया गया है। इसके बाद 19 सितंबर को आने वाली नीति आयोग की टीम के साथ उच्चस्तरीय बैठक में इस पर चर्चा होगी। इस बैठक में मुख्य सचिव समेत सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसी रोडमैप पर चलने पर ही विभागों को धन आवंटन होगा।
दरअसल संयुक्त राष्ट्र संघ की 2015 में हुई बैठक में तय हुआ था कि सभी सदस्य देशों को विकास से जुड़े 17 बिंदुओं पर योजना बनानी होगी। यह योजनाएं तीन श्रेणियों में होगी। पहली वह जिनका क्रियान्वयन तीन साल में, दूसरी जिनका क्रियान्वयन सात साल में, तीसरी जिनका लक्ष्य 15 साल में पूरा होना है।
यदि इन पर काम नहीं किया गया तो संयुक्त राष्ट्र संघ विकासशील देशों को दिए जाने वाले फंड में कटौती कर सकता है। कई देशों ने तो वर्ष 2030 तक का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करके दे दिया पर भारत अभी तक ऐसा नहीं कर पाया।
इसी के तहत उत्तराखंड का राज्य योजना आयोग भी अपना विजन डॉक्यमेंट तैयार कर नीति आयोग को सौंपेगा। इसके लिए आयोग ने 14 से 17 सितंबर तक सभी विभागों के अधिकारियों को 30 साल के विभागीय रोड मैप के साथ तलब किया।