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सीएम की मांग पर केंद्रीय मंत्री की घोषणा, यहां बनेगा तीसरा बल्क ड्रग पार्क

Thu, 28 Apr 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
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केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने औद्योगिक शहर बद्दी को देश का तीसरा बल्क ड्रग फार्मा पार्क देने की घोषणा की है। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और जेएंडके के फार्मा उद्योगों को संजीवनी देते हुए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने औद्योगिक शहर बद्दी को देश का तीसरा बल्क ड्रग फार्मा पार्क देने की घोषणा की है। अहमदाबाद और हैदराबाद के बाद यह तीसरा बल्क ड्रग फार्मा पार्क होगा।
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उन्होंने दवाओं की टेस्टिंग को बद्दी में नाइपर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मा एंड एजुकेशनल रिसर्च) ड्रग टेस्टिंग फार्मा लैब की घोषणा भी की। वे बद्दी में बुधवार को 40 करोड़ की लागत से सीपेट (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान) की आधारशिला कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे।

बल्क ड्रग पार्क और ड्रग टेस्टिंग लैब बनने से जहां एक ओर कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी, वहीं प्रदेश में उत्पादित होने वाली दवाओं की टेस्टिंग के लिए दिल्ली, जयपुर और मोहाली नहीं जाना पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि बल्क ड्रग पार्क जल्द स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत में पांच बल्क ड्रग फार्मा पार्क विकसित करने जा रही है। इनमें हैदराबाद और अहमदाबाद के बाद बद्दी को तीसरे बल्क ड्रग फार्मा पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
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फार्मा पार्क में बनेगी एपीटी

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में सरकार के पास बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए एक हजार बीघा भूमि उपलब्ध है। - फोटो : अमर उजाला
अनंत कुमार ने कहा कि हिमाचल में एशिया की 35 फीसदी दवाओं का उत्पादन किया जा रहा है। फार्मा पार्क बनने में उत्पादन और कच्चे माल से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस पार्क में एपीटी (एक्टिव फार्मासूटिकल इंग्रिडियंस) यानी कच्चे माल को बल्क रूप में तैयार किया जाएगा। फार्मा पार्क के निर्माण को लेकर हिमाचल सरकार की ओर से पहले ही वर्ष 2014-15 में प्रतिबंध हटा दिया गया था। गौरतलब है कि इस कच्चे माल को तैयार करने में काफी मात्रा में प्रदूषण फैलता है। इसके लिए स्पेशल रेड जोन की जरूरत रहती है।

चीन पर निर्भरता होगी खत्म
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि देश के फार्मा उद्योगों की पड़ोसी देश चीन पर कच्चे माल को लेकर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। फार्मा पार्क से भारत को चीन के मनमाने दामों पर केमिकल फर्टिलाइजर आयात पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। फार्मा कंपनियों को दवाओं के उत्पादन के लिए 80 फीसदी केमिकल फर्टिलाइजर चीन से आयात करना पड़ रहा है।

एक हजार बीघा भूमि उपलब्ध : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में सरकार के पास बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए एक हजार बीघा भूमि उपलब्ध है। अगर केंद्र सरकार फार्मा पार्क खोलती है तो राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहिर, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, परिवहन मंत्री जीएस बाली, सांसद विरेंद्र कश्यप, विधायक दून रामकुमार चौधरी, विधायक नालागढ़ केएल ठाकुर मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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