आपराधिक मामलों की विवेचना में आरोप पत्र लगाने के बाद भी उन्हें दबाये रखने वाले तीन दरोगाओं को एसएसपी सदानंद दाते के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। एक दरोगा के एसटीएफ में होने से उसके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कुछ दिन पूर्व रुद्रपुर कोतवाली में लंबित विवेचनाओं की जांच के दौरान एसएसपी डा. सदानंद दाते के संज्ञान में आया था कि वर्ष 2013 से 2015 तक चार दरोगाओं द्वारा विवेचनाओं की फाइल में चार्जशीट लगाने के बाद भी उन्हें सीओ कार्यालय नहीं भेजा गया जिससे वह समय पर कोर्ट तक नहीं पहुंच सकी, जिसे उनकी लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने दरोगा पान सिंह तोमक्याल, भूपाल सिंह नेगी, मैरी पिटर को निलंबित कर दिया। इनके अलावा एसटीएफ से संबद्ध केपी टम्टा के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को उनके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई कर दी जाएगी। एसएसपी दाते ने तीन दिन पूर्व कोतवाली रुद्रपुर में लंबित विवेचनाओं की जांच की तो पता चला कि कोतवाली क्षेत्र के चार दरोगाओं द्वारा तीन साल से करीब 12 मामलों की जांच रिपोर्ट दबा रखी है। सभी जांच रिपोर्ट वर्ष 2013 से 2015 तक कोतवाली क्षेत्र में हुई लूट, ठगी और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित थी। इसे दरोगाओं की घार लापरवाही मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।