लोगों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन बेकाबू हुई आग ने देखते ही देखते दस कमरों को राख में तबदील कर दिया। हालांकि आग बुझाने के लिए आनी से अग्निशमन दल को भी बुलाया गया।
लेकिन गांव से करीब 600 मीटर दूरी तक ही दमकल वाहन पहुंच पाया और लाख कोशिशों के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की ओर से तहसीलदार डीएस नेगी सहित राजस्व विभाग और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस अग्निकांड की छानबीन में जुट गई है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया।
दो प्रभावितों को मिली राहत राशि
तहसीलदार आनी डीएस नेगी ने बताया कि बेघर हुए तीन परिवारों में से गंगा राम को 15 हजार, रोहन लाल को पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है।
पुने राम का कुछ सामान आग से बच गया है और उसके ठहरने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है, जिसके चलते उसे फौरी राहत नहीं दी गई। तीनों प्रभावित परिवारों को जल्द राहत दी जाएगी।