चोरी के आरोप में दो युवकों की पिटाई करने व उन्हें बंधक बनाकर गांव में घुमाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। तीनों का बाद में चालान कर दिया गया।
गौरतलब है कि टांडा कोतवाली अंतर्गत मौहरिया गांव में गत दिवस सुनील के घर से गेहूं की चोरी हुई थी। ग्रामीणों ने इस मामले में गांव के दो युवकों राकेश व हरीलाल को रविवार दिन में पकड़ लिया और चोरी का आरोप लगाते हुए जमकर पिटाई की। बाद में उन दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने पहले तो पीटे गए दोनों युवकों को चोरी के मामले में कोतवाली में बैठा लिया, लेकिन देर रात जब घटना से जुड़ी फोटो तथा वीडियो सामने आया, तो पुलिस हरकत में आ गई।
आननफानन पिटाई करने वाले लोगों की पहचान शुरू हुई। पुलिस ने गांव के सुनील वर्मा, श्रीकांत व परमदेव को हिरासत में ले लिया। देर रात ही हरीलाल की मां गायत्री देवी की तहरीर पर पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर जेल भेज लिया।
गायत्री ने पुलिस को बताया कि हरीलाल व राकेश के कपड़े उतारकर पिटाई की गई। इसके बाद उन्हें रस्सियों से बांधकर पूरे गांव में घुमाया गया। महिला ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे भी पीट दिया गया।
गौरतलब है कि मामले की खबर सोमवार को सिर्फ अमर उजाला ने ही प्रकाशित की। इस बीच पुलिस ने केस दर्ज करने के साथ ही गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों का चालान सोमवार को शांतिभंग की आशंका में किया।
एसडीएम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि 7 वर्ष से कम सजा वाले मामलों में जेल भेजे जाने का प्राविधान नहीं है। इसके चलते ही शांतिभंग में चालान करना पड़ा।