मौदहा तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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तहसील में दाखिल खारिज के मामलों सहित अन्य में भ्रष्टाचार को लेकर एक वरिष्ठ अधिवक्ता का दूसरे दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। वहीं बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी व तहसीलदार कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाई। अधिवक्ताओं का यह प्रदर्शन करीब एक घंटे तक जारी रहा।
तहसील में तकरीबन 200 दाखिल खारिज के मामले समय रहते निस्तारित नहीं हुए हैं। इसको लेकर अधिवक्ता पूर्व में चेतावनी दे चुके हैं। इसी पर अधिवक्ता बृजकिशोर द्विवेदी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन के दूसरे दिन अनशन स्थल में एकत्र अधिवक्ताओं ने तहसील भवन के अंदर स्थित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटते जोरदार प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतिम समय तक संघर्ष किए जाने का ऐलान किया। इन अधिवक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यहां के अधिकारी भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं।
कानूनी प्रक्रियाओं के तहत निर्धारित समय के अंदर दाखिल खारिज नहीं हो रहे हैं। यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा हुआ है। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अब्दुल कुद्दुश, शारदादीन प्रजापति व विजय सिंह यादव, हाजी अब्दुल हमीद, नासिर खान, आलोक निगम, चंद्रप्रकाश खरे, वसी अहमद, जावेद अहमद, प्रदीप सिंह, छोटेलाल यादव, जयप्रकाश शुक्ला, सौरभ मिश्रा, ओमप्रकाश तिवारी, सिद्धार्थ मिश्रा, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, शिवकुमार पाठक, शिवबरन साहू, बाबूराम मिश्रा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।