चंडीगढ़ की पहचान सुखना लेक को बचाने के लिए लंबे समय से चल रही सुनवाई के तहत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को यूटी प्रशासन के अफसरों को नसीहत दी कि वे सुखना लेक की देखभाल के लिए अहमदाबाद की साबरमती लेक से कुछ सीखें। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारी साबरमती लेक का दौरा क्यों नहीं करते। अफसर दौरा कर वहां रखरखाव के तरीकों के देखें और उस मॉडल को सुखना लेक पर लागू करें।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन की ओर से बताया गया कि सुखना लेक को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लाया जा रहा है, जिसके बाद इसे बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकेगा लेकिन प्रशासन के वकील ने कहा कि अभी उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है, लिहाजा उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वे अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को पूरी जानकारी दे सकें। यूटी प्रशासन की तरफ से यह भी कहा गया कि सुखना लेक पर लगभग डेढ़ किमी के पैसेज की रिकारपेटिंग कर दी गई है।
मानसून को देखते हुए प्रशासन ने सुखना तक बरसाती पानी के रास्ते के सभी चैनलों की सफाई भी कर दी है ताकि सुखना लेक तक बरसाती पानी बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।इस मामले में हाईकोर्ट को सहयोग दे रहीं एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद यूटी प्रशासन ने अब तक सुखना के विकास को लेकर कोई दीर्घकालीन या अल्पकालीन योजना नहीं बनाई है जबकि ऐसी योजना बहुत जरूरी है।
एमिक्स क्यूरे एडवोकेट तनु बेदी ने यह भी कहा कि सुखना तक पानी पहुंचाने वाले ज्यादातर चैनल पंजाब और हरियाणा के क्षेत्र में पड़ते हैं, इसलिए पंजाब और हरियाणा को भी इस संबंध में निर्देश दिए जाएं। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा को उनके क्षेत्र में पड़ने वाले सुखना कैचमेंट एरिया और वहां के सभी चैनलों की सफाई के आदेश जारी कर दिए।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने लगातार सूखती जा रही सुखना लेक के वजूद को बचाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के अलावा पंजाब और हरियाणा को जवाब-तलब किया था।
मामले की पिछली सुनवाई पर हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट को बताया गया था कि बारिश के दौरान हिमाचल की ओर से सुखना के आसपास नालों में काफी पानी आ जाता है। इन नालों पर अब पांच चेक डैम बना दिए गए हैं, जिससे बारिश का अतिरिक्त पानी सुखना लेक की तरफ मोड़ दिया जाएगा। हरियाणा ने हाईकोर्ट को यह भी बताया था कि इन चेक डैम के जरिए सुखना तक पानी लाने से, पहाड़ों से पानी के साथ आने वाली गाद (सिल्ट) इन डैमों में ही रुक जाएगी और सुखना तक नहीं पहुंचेगी।