सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने के विरोध में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षक ब्लैक डे मनाएंगे। ब्लैक डे मनाने के साथ-साथ वे दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना देते हुए संसद तक विरोध मार्च करते हुए गिरफ्तारी देंगे।
खास बात यह है कि ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गेनाइजेशन ने विरोध की काल को तीन सौ विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने सहयोग देने की बात कही है। जबकि कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, समाजवादी पार्टी के साथ -साथ बीजेपी के कुछ नेताओं ने भी इस विरोध कॉल के तहत जंतर-मंतर में पहुंचने का आश्वासन दिया है।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव अरुण कुमार के मुताबिक, केंद्र सरकार के समक्ष कई बार सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करने और छठें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने की मांग रखी थी।
हालांकि महीनों बीतने के बाद भी कोई राहत नहीं मिल सकी है। यूजीसी की कमेटी ने बहुत पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंप दी थी। हालांकि कैबिनेट स्तर पर इस मामले पर कोई राहत अभी कोई राहत नहीं मिल पायी है।
इसीलिए शिक्षक अब विरोध जताने जा रहे हैं। इसी के तहत अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर ब्लैक डे मनाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि पहुंचेंगे, जबकि कैंपस में अन्य शिक्षक विरोध के तहत कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा।