अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाए जाने के संबंध में शिया वक्फ बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे को लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने आपत्ति दर्ज की है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारुकी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या मामले में बेवजह दखल दे रहा है।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए राम जन्मभूमि स्थल पर ही मंदिर बनाए जाने की इच्छा जताई थी।
हलफनामे में उन्होंने उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि यह कट्टरपंथियों, उन्मादियों और शांतिपूर्ण समाज में विश्वास न रखने वालों के नियंत्रण में है।
वसीम रिजवी के इस आरोप पर सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि वसीम रिजवी सुन्नी वक्फ बोर्ड की संरचना से वाकिफ हैं, इसलिए उन्हें नाम लेकर बताना चाहिए कि बोर्ड में कौन कट्टरपंथी, उन्मादी और शांतिपूर्ण समाज में अविश्वास करने वाला है।
सुन्नी सेंट्रल बोर्ड के जुफर अहमद ने वसीम रिजवी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 13 वर्षों से अयोध्या विवाद पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। इस मौके पर उनका यह हस्तक्षेप सस्ती लोकप्रीयता हासिल करने और खुद पर लगे आरोपों की जांच को गुमराह करने का जरिया मात्र है।