गौतमबुद्ध नगर के दादरी, जेवर और दनकौर ब्लॉक के 11 प्राथमिक स्कूलों में लगे हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। यह खुलासा मतदान से पहले जिला प्रशासन की तरफ से कराए गए सर्वे में हुआ।
इस पानी में खारापन बहुत ज्यादा है। यहां पढ़ाने वाले शिक्षक पहले भी इसकी शिकायत कर चुके हैं, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई और इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इसी पानी को पीने को विवश हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान स्कूलों में मतदान केंद्र बनाने थे, जिसके चलते प्रत्येक स्कूल में पेयजल की स्थिति के बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट मांगी गई थी।
इन स्कूलों में है दिक्कत
dirty water
पेयजल व्यवस्था को लेकर स्कूलों के हैंडपंपों के बारे में अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों ने स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर भेजी, जिसमें कुछ स्कूलों के हैंडपंप खराब होने, कई में पानी के साथ अधिक रेत आने की शिकायतें थीं। जनपद में 79 स्कूलों के हैंडपंप खराब थे।
वहीं जनपद के 11 प्राइमरी स्कूलों में लगे हैंडपंप का पानी खराब है। उनमें खारापन ज्यादा है। पानी का रंग भी मटमैला रहता है। यह पीने लायक नहीं है।
प्राथमिक स्कूल चिटहरा, प्राथमिक स्कूल सैंथली मडैया, प्राथमिक स्कूल रघुवीरपुर गढ़ी, प्राथमिक स्कूल ढोकलपुरा, प्राथमिक स्कूल महमूदपुरा डेरीन, प्राथमिक स्कूल मकनपुर खादर, प्राथमिक स्कूल दनकौर-2, प्राथमिक स्कूल गढ़ी समस्तीपुर, प्राथमिक स्कूल दादूपुर, प्राथमिक स्कूल छातंगा कला, प्राथमिक स्कूल झुप्पा कला है। इन स्कूलों में पानी खराब होने की सूचना पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी मौके पर जाकर जायजा लिया था। उनके द्वारा भी अपने रिपोर्ट में पानी खराब होने की बात कहीं गई थी।
चुनाव के दौरान कुछ स्कूलों में पानी खराब पाया गया था। उसकी सूचना जल निगम को दे दी गई है। इन स्कूलों में नए हैंडपंप लगाए जाएंगे।
- प्रवेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी