डीआरडीए भवन में क्रेगी कोऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से मशरूम की खेती के सफल उत्पादन के बाद जिला प्रशासन इसे ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर स्थापित करने जा रहा है। प्रशासन ने बिना कीटनाशक के छिड़काव से तैयार की जा रही मशरूम को लोगों के लिए लाभदायक बताया है।
सोसाइटी की ओर से तैयार की जा रही मशरूम पौड़ी के अलावा आसपास के मार्केट में भी जाने लगी है। ऐसे में जल्द ही प्रशासन की ओर से इस सेंटर को रोल मॉडल के तौर पर लेते हुए यहां पर लोगों को प्रशिक्षण देने का कदम उठाया है।
अप्रैल से इस सेंटर में मशरूम उगाने का प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि जिला एनोवेशन फंड से इस सेंटर को संचालित किया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं, इसलिए इस केंद्र में अब लोगों को मशरूम उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मशरूम उगा रहे विपिन रावत ने बताया कि मौजूदा समय में वह औसतन 40 किलो मशरूम उगा रहे हैं। कभी वह एक क्विंटल तक भी मशरूम उगाकर बाजार में भेजते हैं। धीरे-धीरे मशरूम की डिमांड पौड़ी के अलावा अन्य शहरों से भी आने लगी है।